Thane News: भीषण गर्मी, धूल प्रदूषण और एसी के लगातार इस्तेमाल के कारण लोगों की आंखों में ड्राईनेस और गंभीर जलन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में आंखों की प्राकृतिक नमी बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे लालिमा, चुभन और खुजली जैसी दिक्कतें बेहद आम हो जाती हैं।
केआईएमसी हॉस्पिटल, ठाणे के सीनियर कंसल्टेंट ऑप्थेल्मोलॉजी डॉ. चैतन्य वेमू के मुताबिक बढ़ता तापमान और शुष्क हवा आंखों के आंसुओं के वाष्पीकरण को बहुत बढ़ा देती है। इससे आंखों में भयंकर ड्राईनेस पैदा होती है। एसी में लंबे समय तक रहने या तेज धूप में बाहर निकलने पर यह परेशानी दोगुनी हो जाती है।
आंखों की प्राकृतिक नमी कम होने के मुख्य कारण
मेडिकल डॉक्टरों के अनुसार ड्राई आई का सबसे बड़ा मुख्य कारण आंखों में जरूरी नमी की भारी कमी होना है। गर्मियों की शुष्क हवाएं, वायु प्रदूषण, धूल के बारीक कण और विभिन्न एलर्जन आंखों की नाजुक सतह को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। लगातार ठंडी हवा वाले एसी में रहने से भी यह समस्या बढ़ती है।
आजकल बढ़ता स्क्रीन टाइम भी आंखों की बीमारी की एक बहुत बड़ी मुख्य वजह बन चुका है। मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग करने से आंखों के झपकने की सामान्य दर काफी कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप आंखों में थकान और भारी सूखापन बढ़ता है। बिना चश्मे के तैरना भी खतरनाक हो सकता है।
कब बढ़ जाता है आंखों में गंभीर संक्रमण का खतरा
वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपकी आंखों में लगातार भयंकर लालिमा, तेज दर्द, सूजन अथवा धुंधला दिखाई देने की समस्या हो, तो सावधान हो जाएं। रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना किसी बड़े संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी गंभीर स्थिति में मरीजों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बचाव के लिए डॉक्टरों के अनुसार दिनभर में पर्याप्त पानी पीना और आंखों को हमेशा हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। तेज धूप में बाहर निकलते समय हमेशा यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेज का उपयोग करें। डॉक्टर की सलाह पर ही सही और सुरक्षित आई ड्रॉप्स का नियमित रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।
स्क्रीन टाइम कम करने के लिए अपनाएं यह खास नियम
अस्पताल के डॉक्टरों ने स्क्रीन टाइम के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए प्रसिद्ध 20-20-20 नियम अपनाने की विशेष सलाह दी है। इस नियम के तहत डिजिटल स्क्रीन देखते समय हर 20 मिनट में लगभग 20 फीट दूर स्थित किसी वस्तु को 20 सेकंड तक ध्यान से देखना बेहद आवश्यक होता है।
इसके अलावा नियमित रूप से हरी सब्जियों, संतुलित आहार और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त भोजन का सेवन भी आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते जरूरी सावधानी और उचित उपचार शुरू करें।
Author: Asha Thakur


