Uttar Pradesh News: भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और खुफिया एजेंसी आईएसआई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं. ये लोग इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के माध्यम से सीधे युवाओं से संपर्क साध रहे हैं. गिरोह का मुख्य मकसद भोले-भाले युवाओं को गुमराह करके उन्हें देश के खिलाफ एक खतरनाक स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा बनाना है.
इंस्टाग्राम रील्स और शॉर्ट्स के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अब पेशेवर एजेंटों के बजाय आम युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है. इसके लिए टेलीग्राम के बाद अब इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले रील्स और शॉर्ट्स अपलोड किए जाते हैं. जब कोई युवा इन वीडियो को लाइक या शेयर करता है, तो पाकिस्तानी टीम उन्हें तुरंत चिन्हित कर लेती है. इसके बाद उन युवाओं को धीरे-धीरे देशविरोधी और भड़काऊ सामग्री परोसी जाती है.
गेमींग ऐप्स और एन्क्रिप्टेड चैट से मिल रहे हैं गुप्त टास्क
यह पूरा नेटवर्क केवल वीडियो तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का भी सहारा लिया जा रहा है. युवाओं को झांसे में लेने के बाद गिरोह के सदस्य उनसे बात करने के लिए एन्क्रिप्टेड यानी पूरी तरह सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करते हैं. इस जाल में पूरी तरह फंसने के बाद युवाओं को कई तरह के अवैध टास्क दिए जाते हैं. इन कामों को पूरा करने के बदले उन्हें मोटी रकम और विदेश भेजने के सपने दिखाए जाते हैं.
यूपी और पंजाब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी का खुलासा
हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने इस गिरोह के छह स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए संदिग्धों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के कई बड़े स्कूलों, अस्पतालों, व्यापारिक केंद्रों और राजनीतिक कार्यालयों की रेकी करने की जिम्मेदारी मिली थी. इस संबंध में नोएडा में एक गोपनीय बैठक भी हुई थी. खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने इन सभी आरोपियों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया.
नोएडा और सहारनपुर से दबोचे गए छह खतरनाक स्लीपर सेल
एटीएस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा से तुषार चौहान और समीर खान नामक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही सहारनपुर से महकाब, शाहरुख, गगनदीप उर्फ गुर और मुर्शरफ को भी हिरासत में लिया गया. इन सभी से पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तानी हैंडलर भारतीय युवाओं को पैसों का लालच देकर बड़े अपराध करने और सूचनाएं जुटाने का जरिया बना रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है.
आजमगढ़ से मोहम्मद शेख गिरफ्तार और भारी मात्रा में हथियार बरामद
इस जांच के दौरान एक और बड़ी कामयाबी एक जून को मिली जब एटीएस ने आजमगढ़ से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इस आरोपी के पास से एक अत्याधुनिक नाइन एमएम की पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. यह आरोपी सीधे पाकिस्तानी गैंगस्टर और आईएसआई के संपर्क में था. इस गिरफ्तारी से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि अब इन नए स्लीपर सेल तक घातक हथियारों की पहुंच भी होने लगी है.


