West Bengal Politics: टीएमसी में मची इस्तीफे की भारी होड़, क्या शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद सच में गिर जाएगी ममता सरकार?

Kolkata News: पश्चिम बंगाल के कद्दावर मंत्री दिलीप घोष ने फिरहाद हकीम के अचानक इस्तीफे और एनआईए (NIA) द्वारा की गई शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखे राजनीतिक हमले किए।

दिलीप घोष ने दावा किया कि टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला ने ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर जानलेवा हमला कराया था। इस हिंसक वारदात के मुख्य सूत्रधार को केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब सलाखों के पीछे पूरी तरह पहुंचा दिया है।

कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफे पर उठाए गंभीर सवाल

टीएमसी नेता फिरहाद हकीम के कोलकाता महापौर (मेयर) पद से अचानक इस्तीफा देने पर दिलीप घोष ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर इन दिनों पद छोड़ने की एक अजीब होड़ लगी हुई है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी से लगातार भाग रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले पार्टी में टिकटों और ऊंचे पदों के लिए नेताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होती थी। अब अचानक ऐसा क्या हो गया कि पूरी सरकार बैकफुट पर आ गई है। सरकार के सत्ता से बाहर होते ही शीर्ष नेतृत्व गहरे संकट में है।

दिलीप घोष ने पूछा कि फिरहाद आज जो गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वे उन्होंने पहले क्यों नहीं लगाए। जनता के सामने इस प्रकार का राजनीतिक ड्रामा करने की क्या जरूरत है। जब आपके पास पर्याप्त पार्षद हैं, तो जनता का काम छोड़कर क्यों भाग रहे हैं।

शौकत मोल्ला को ममता बनर्जी ने बनाया था बड़ा नेता

एनआईए द्वारा भांगर विस्फोट मामले में हुई पूर्व विधायक शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी पर घोष ने कई राज खोले। उन्होंने कहा कि इस कुख्यात असामाजिक तत्व को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद प्रश्रय देकर अपनी पार्टी का बड़ा नेता बनाया था।

घोष ने आरोप लगाया कि शौकत के प्रभाव वाले इलाकों में हमेशा बमबारी और गोलीबारी होती रहती है। वह स्थानीय आम लोगों को शांति से जीने नहीं देता है। यहां तक कि पंचायत चुनाव में उसने विपक्ष को नामांकन दाखिल करने से जबरन रोक दिया था।

उन्होंने बताया कि शौकत ने करीब दो हजार उपद्रवियों के साथ मिलकर रास्ते पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की गाड़ी पर पथराव कराया था। गनीमत थी कि गाड़ी पूरी तरह बुलेटप्रूफ थी, जिसकी वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष की जान बाल-बाल बच सकी।

जेपी नड्डा के काफिले पर हुआ था भीषण पथराव

गौरतलब है कि जेपी नड्डा के वीआईपी काफिले पर 10 दिसंबर 2020 को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर जाते समय हिंसक हमला हुआ था। इस दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की गाड़ियों को पत्थरों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

घोष ने कहा कि ऐसे अपराधियों को हमेशा के लिए जेल के भीतर ही रहना चाहिए। पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आगामी 20 जून को बंगाल आने वाले हैं।

उन्होंने दावा किया कि हमारी नई सरकार ने महज एक महीने के भीतर जनहित के जितने ऐतिहासिक काम किए हैं, उतने देश के इतिहास में शायद ही किसी अन्य सरकार ने किए होंगे। हम जनता से किए गए सभी वादों को तेजी से निभा रहे हैं।

Author: Harikarishan Sharma

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