National News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। अब पीएफ खाते से पैसा निकालना बैंक से नकदी निकालने जितना आसान हो जाएगा। EPFO 3.0 प्रोजेक्ट के तहत सब्सक्राइबर्स को जल्द ही ATM और UPI के जरिए निकासी की सुविधा मिलेगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। सरकार मई 2026 के अंत तक इस हाई-टेक सेवा को लाइव करने की तैयारी में है।
50 फीसदी तक बैलेंस निकालने की मिलेगी छूट
ईपीएफओ की नई योजना के अनुसार सब्सक्राइबर्स अपने कुल पीएफ बैलेंस का 50 प्रतिशत तक हिस्सा सीधे एटीएम से निकाल सकेंगे। इसके लिए संगठन एक विशेष ‘डेडिकेटेड एटीएम कार्ड’ जारी करेगा, जो सीधे आपके पीएफ खाते से लिंक होगा। कार्ड के अलावा यूपीआई इंटीग्रेशन की सुविधा भी मिलेगी। इससे सदस्य अपने स्मार्टफोन के जरिए सीधे पेमेंट या फंड ट्रांसफर कर पाएंगे। यह पहल आपात स्थिति में मध्यम वर्ग को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने में गेम-चेंजर साबित होगी।
सुविधा का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मापदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रिय होना चाहिए। इसके साथ ही बैंक खाता, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड का यूएएन से लिंक होना जरूरी है। केवाईसी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और [Aadhaar Redacted] भी खाते से जुड़ा होना चाहिए। इन औपचारिकताओं के बिना डिजिटल निकासी संभव नहीं होगी। संगठन सुरक्षा मानकों को लेकर काफी सतर्क है ताकि किसी भी तरह के वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।
दावा निपटान में ईपीएफओ ने रचा इतिहास
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ईपीएफओ ने 8.31 करोड़ दावों का सफलतापूर्वक निपटान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इनमें से लगभग 5.51 करोड़ मामले अग्रिम या आंशिक निकासी से संबंधित थे। विशेष बात यह है कि ‘ऑटो मोड’ तकनीक के कारण 71 प्रतिशत अग्रिम दावों का निपटारा केवल तीन दिनों के भीतर कर दिया गया। नई प्रणाली ने पुरानी जटिल कागजी कार्रवाई को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
पेपरलेस और यूजर-फ्रेंडली होगा स्मार्ट अवतार
EPFO 3.0 केवल निकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाएगा। अब नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर करना बेहद आसान होगा। सदस्यों को अब क्लेम फाइल करते समय चेक बुक की फोटो अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ‘ऑटो-क्लेम सेटलमेंट’ के जरिए भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर लगाम लगेगी। 2026 के मध्य तक ईपीएफओ का लक्ष्य अपनी सभी सेवाओं को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाना है। यह स्मार्ट अवतार करोड़ों कर्मचारियों के लिए भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को सुलभ बनाएगा।


