Delhi News: सराफा बाजार में चांदी खरीदने वालों की आज बड़ी लॉटरी लग गई है। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी मंदी देखने को मिल रही है। जून महीने के शुरुआती हफ्ते में रिकॉर्ड स्तर को छूने वाली चांदी अब बेहद तेजी से नीचे आ गिरी है।
इस बड़ी गिरावट ने आभूषण के शौकीनों और बड़े कारोबारियों को हैरान कर दिया है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक सिर्फ 10 दिनों के भीतर चांदी का भाव प्रति किलोग्राम 30,000 रुपये तक टूट चुका है। शादियों के इस सीजन में गहने और चांदी के बर्तन खरीदने वालों के लिए यह एक शानदार मौका है।
एक ही दिन में ₹10,000 प्रति किलो सस्ती हुई चांदी
भारतीय सराफा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार आज चांदी की कीमत 250 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। कल के मुकाबले आज चांदी के दाम में सीधे 10 रुपये प्रति ग्राम और 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कटौती हुई है। कल एक किलो चांदी का भाव 2,60,000 रुपये के स्तर पर था।
आज बाजार में 10 ग्राम चांदी का भाव 2,500 रुपये और 100 ग्राम की कीमत 25,000 रुपये चल रही है। वहीं एक किलोग्राम चांदी खरीदने के लिए अब ग्राहकों को 2,50,000 रुपये खर्च करने होंगे। इस रिकॉर्ड गिरावट के कारण खुदरा बाजारों में अचानक ग्राहकों की चहल-पहल काफी बढ़ गई है।
देश के इन प्रमुख शहरों में आज क्या है ताजा रेट
देश के लगभग सभी बड़े महानगरों और प्रमुख शहरों में आज चांदी की कीमतें एक समान बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मेरठ और लुधियाना में आज एक किलो चांदी 2,50,000 रुपये पर मिल रही है। इन शहरों में 10 ग्राम चांदी का भाव 2,500 रुपये तय किया गया है।
इसके साथ ही देश के अन्य बड़े आर्थिक केंद्रों जैसे मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे और पटना में भी चांदी इसी भाव पर बेची जा रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के सराफा बाजारों में एक जैसी कीमत रहने से निवेशकों को दांव लगाने में काफी आसानी हो रही है।
जून महीने में चांदी ने दिखाया 10 फीसदी का बड़ा गोता
अगर हम जून महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो चांदी की कीमतों में 10.71 प्रतिशत का बड़ा बदलाव आया है। पहली जून को चांदी का भाव 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर था। इसके बाद लगातार बिकवाली हावी होने से कीमतों में गिरावट का दौर शुरू हो गया।
लगातार गिरावट दर्ज करते हुए चांदी आज 10 जून को अपने सबसे न्यूनतम स्तर 2,50,000 रुपये पर पहुंच गई है। वैश्विक मंदी और औद्योगिक मांग में कमी के चलते घरेलू बाजार में यह असर दिख रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल कैसी रहेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Reported By: Rajesh Kumar


