Dehradun News: भारतीय सैन्य इतिहास में 13 जून को एक बेहद महत्वपूर्ण और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देहरादून की प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री एकेडमी में आयोजित होने वाली भव्य पासिंग आउट परेड में एक बड़ा चमत्कार दिखेगा। यहां पहली बार नेशनल डिफेंस एकेडमी के माध्यम से आई महिला कैडेट्स इतिहास रचेंगी।
यह जांबाज महिला कैडेट्स पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना कठिन प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं। अब वे भारतीय सेना में गौरवशाली अधिकारी के रूप में सीधे कमीशन प्राप्त करेंगी। इस ऐतिहासिक पल को लाइव देखने के लिए देश के कई बड़े सैन्य कमांडर परेड ग्राउंड में मौजूद रहेंगे।
आठ से नौ जांबाज महिला कैडेट्स सेना में बनेंगी लेफ्टिनेंट
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार करीब 8 से 9 महिला कैडेट्स इस ऐतिहासिक बैच का मुख्य हिस्सा हैं। पासिंग आउट परेड की सलामी लेने के बाद ये सभी सीधे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हो जाएंगी। सेना के इतिहास में यह बिल्कुल पहली बार होने जा रहा है।
इससे पहले एनडीए से ट्रेनिंग पाकर आई महिला कैडेट्स कभी भी नियमित अधिकारी के रूप में सीधे आर्मी का हिस्सा नहीं बनी थीं। इस कदम से सैन्य बलों में जेंडर इक्वालिटी को एक नई और मजबूत दिशा मिलेगी। यह बदलाव रक्षा क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते ऊंचे कद को साफ दर्शाता है।
पुरुष साथियों के समान ही मिला कठिन सामरिक प्रशिक्षण
पूरे ट्रेनिंग सेशन के दौरान इन जांबाज महिला कैडेट्स ने अपने पुरुष साथियों के साथ समान मानकों पर कड़ा अभ्यास किया। चाहे वह दुर्गम जंगलों में सर्वाइवल कोर्स हो, खतरनाक बैटल ऑब्स्टेकल्स पार करना हो या रात के अंधेरे में होने वाला सामरिक सैन्य अभ्यास हो, उन्होंने हर जगह लोहा मनवाया।
इन बेटियों ने हर मुश्किल चुनौती का सामना पूरे आत्मविश्वास, अटूट दृढ़ता और बेहतरीन प्रोफेशनल कैपेसिटी के साथ किया। भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि बल में पुरुष और महिला कैडेट्स के लिए शारीरिक फिटनेस और परीक्षा के कड़े मानक पूरी तरह एक समान रखे गए हैं।
ऐतिहासिक परेड में शामिल होकर हौसला बढ़ाएंगी राष्ट्रपति मुर्मु
इन होनहार जांबाज कैडेट्स ने सेना के उन सभी कठिन इंटरव्यू, लिखित परीक्षाओं और फिजिकल टेस्ट चरणों को सफलतापूर्वक पास किया है। इस ऐतिहासिक और बेहद भावुक कर देने वाले अवसर पर देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वयं बतौर मुख्य अतिथि पासिंग आउट परेड में शामिल होने देहरादून आ रही हैं।
वह देश के इन युवा सैन्य अधिकारियों को संबोधित कर उनका हौसला बढ़ाएंगी। यह भव्य आयोजन न केवल सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का लाइव प्रतीक है बल्कि सशस्त्र बलों में समान अवसर की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इन बेटियों की सफलता भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
Author: Harikarishan Sharma


