श्रीलंका जा रही 258 करोड़ की ड्रग्स खेप पर ईडी का महाएक्शन, चेन्नई और मदुरै के पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

Tamil Nadu News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ बेहद आक्रामक कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के चेन्नई और मदुरै शहरों में स्थित पांच महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है।

ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह शातिर गिरोह भारतीय समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करता था। वे तमिलनाडु के तटीय इलाकों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को अवैध रूप से श्रीलंका भेजने के काले धंधे में पूरी तरह शामिल थे।

एजेंसी की सघन जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के जरिए करीब 99 किलो हशीश और 37.5 किलो मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस ड्रग्स’ भी कहा जाता है, की अंतरराष्ट्रीय तस्करी की जा रही थी। बाजार में इनकी कुल कीमत लगभग 258 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इस पूरी जब्ती में अकेले हशीश की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 108 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही बेहद घातक और महंगी नशीली दवा आइस ड्रग्स की बाजार वैल्यू करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ईडी इस वित्तीय कड़ियों को खंगाल रही है।

डीआरआई की एफआईआर को आधार बनाकर शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

ईडी ने यह बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा जॉन ब्रिट्टो और उसके अन्य साथियों के खिलाफ पहले से दर्ज दो अलग-अलग आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की है। ये मामले एनडीपीएस और कस्टम्स एक्ट के तहत दर्ज थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक इस सिंडिकेट से जुड़ा पहला गंभीर मामला 5 मार्च 2024 का है। उस समय इंडियन कोस्ट गार्ड से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई मदुरै ने गल्फ ऑफ मन्नार के गहरे समुद्री इलाके में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था।

सुरक्षा बलों ने वहां तैर रही एक संदिग्ध मछली पकड़ने वाली स्थानीय नाव से करीब 99 किलो हशीश बरामद की थी। उस समय बोट में सवार रामिश, जानसन और प्रताप नाम के तीन तस्कर इन ड्रग्स को सुरक्षित श्रीलंका पहुंचाने की फिराक में थे।

पकड़े गए तस्करों ने कड़ी पूछताछ में कबूला कि वे यह खतरनाक काम कथित तौर पर अपने आका जॉन ब्रिट्टो के सीधे निर्देश पर कर रहे थे। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां मुख्य सरगना जॉन ब्रिट्टो के पूरे नेटवर्क पर पैनी नजर रख रही थीं।

मदुरै रेलवे स्टेशन पर आइस ड्रग्स के साथ दबोचा गया था मुख्य गुर्गा

तस्करी से जुड़ा दूसरा मामला 1 मार्च 2024 का है। डीआरआई की टीम ने मदुरै रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर जॉन ब्रिट्टो के सबसे खास सहयोगी फिलोमेन प्रकाश को रंगे हाथों दबोचा था। उसके पास से 37.645 किलो मेथामफेटामाइन बरामद हुई थी।

जांच एजेंसी को पक्का शक है कि भारी मात्रा में जमा की गई यह खेप भी चेन्नई के रास्ते समुद्री मार्ग से श्रीलंका भेजी जानी थी। ईडी की जांच में अब तक साफ हुआ है कि जॉन ब्रिट्टो ही इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का असली मास्टरमाइंड है।

ब्रिट्टो का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई बार ऐसे गंभीर मामलों में लिप्त पाया गया है। एजेंसी का दावा है कि उसने अपने अवैध नेटवर्क में स्थानीय मछुआरों और नाव मालिकों को मोटी रकम का लालच देकर शामिल किया था।

ये नाविक भारतीय समुद्री सीमा से ड्रग्स को सुरक्षित तरीके से खुले समुद्र में ले जाते थे। वहां वे अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में श्रीलंकाई संपर्कों को माल सौंप देते थे। ईडी फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और पूरा नेटवर्क खंगाल रही है।

Author: Karthik Srinivasan

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