Bihar News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बहुत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा बदल सकता है। लेकिन मौजूदा कैबिनेट के स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उनके इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं बहुत ज्यादा बढ़ा दी हैं। हर कोई अब नए राजनीतिक समीकरणों की बात कर रहा है।
कार्यकर्ताओं की भावनाओं का किया पूरा सम्मान
चिराग पासवान की पार्टी के कई नेता उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। इस भारी मांग पर चिराग ने अपनी स्पष्ट और बेबाक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने सभी कार्यकर्ताओं की भावनाओं की बहुत कद्र करते हैं। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि वह मुख्यमंत्री पद की किसी भी रेस में नहीं हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखा है। राज्य की राजनीति में उन्होंने अपनी मौजूदा स्थिति साफ कर दी है।
केंद्र सरकार की जिम्मेदारी को बताया अपनी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने का उन्होंने एक बहुत बड़ा कारण बताया है। चिराग ने केंद्र सरकार की अहम जिम्मेदारी का प्रमुख रूप से हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान उस जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने पर ही केंद्रित है। चिराग ने जोर देकर कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ पालन करते रहेंगे।
कैबिनेट के स्वरूप में नहीं होगा कोई भी बदलाव
चिराग पासवान ने बिहार के राजनीतिक ढांचे को लेकर एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन चुनाव के लिए पूरी तरह से एकजुट है। पूरा गठबंधन बिहार के विकास के लिए बहुत मजबूती से काम कर रहा है। चिराग के अनुसार राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होने पर भी कैबिनेट की संरचना समान रहेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में एनडीए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा और राज्य में बड़ी जीत दर्ज करेगा।


