सोशल मीडिया से सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी, पेपर लीक के खिलाफ पुणे के बाद अब लखनऊ में महाआंदोलन

Pune News: देश की शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। सोशल मीडिया से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 11 जून को पुणे में विशाल प्रदर्शन किया। सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) में सैकड़ों युवाओं ने परीक्षा सुधारों को लेकर आवाज बुलंद की है।

इस आंदोलन के सूत्रधार अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर और बैनर लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। युवाओं का यह आक्रोश नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ है।

पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर मुख्य मांगें

छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर एक विशेष मेनिफेस्टो जारी किया है। इसमें नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और परिणाम समय पर घोषित करने की मांग शामिल है। युवा हर भर्ती और प्रवेश परीक्षा में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं। वे दोषी परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि परीक्षाओं में देरी और अनियमितताओं के कारण छात्र गंभीर मानसिक तनाव झेल रहे हैं। पुणे में इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अभिभावकों और युवाओं का बड़ा समर्थन मिला। सीजेपी (CJP) ने इसे शिक्षा व्यवस्था में फैली सड़न के खिलाफ आम जनता का बड़ा आक्रोश बताया है।

लखनऊ पुलिस से पहले लगा झटका, फिर मिली अनुमति

पुणे में मिली बड़ी सफलता के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश का रुख किया है। पार्टी ने लखनऊ के इको गार्डन में 12 से 18 जून तक छह दिनों के धरने का प्रस्ताव रखा था। शुरुआत में लखनऊ पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर इस प्रदर्शन की अनुमति रद्द कर दी थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आयोजकों से संपर्क करने और बातचीत के प्रयासों का कोई जवाब नहीं मिला था। हालांकि, बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर पुलिस ने धरने की अनुमति दे दी। यह धरना रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिनिधि विवेक कुमार इसकी कमान संभाल रहे हैं।

सोशल मीडिया के मीम्स से कैसे बना देशव्यापी आंदोलन

इस अनोखे आंदोलन की शुरुआत 15 मई को मुख्य न्यायाधीश (CJI) के एक बयान के बाद हुई थी। सीजेआई (CJI) ने कहा था कि ‘कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे हैं।’ इसी बयान को आधार बनाकर बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने इस व्यंग्यात्मक पार्टी का गठन किया।

अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए वायरल मीम कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने 16 मई को अमेरिका से इस अभियान की शुरुआत की थी। कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हो गए और आंदोलन बड़ा रूप ले चुका है।

अभिजीत दीपके का अगला कदम और देशव्यापी रणनीति

सीजेपी (CJP) ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर 8 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान वेबसाइट ब्लॉक होने और धमकियां मिलने की घटनाएं भी सामने आईं। इससे पहले पार्टी ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था।

पार्टी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 13 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आंदोलन तेज होगा। सीजेपी (CJP) ने 20 जून को दिल्ली में एक विशाल अनिश्चितकालीन धरने का आह्वान किया है। इसके बाद जयपुर, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे।

Author: Sachin Kulkarni

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories