Rampur News: सपा नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने बिना नक्शा पास कराए बने विवि के 38 भवनों को अवैध घोषित कर दिया है। प्राधिकरण ने इन निर्माणों को ध्वस्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने व्यक्तिगत सुनवाई पूरी होने के बाद यह सख्त फैसला सुनाया। उन्होंने जौहर विवि प्रशासन को इन अवैध भवनों को खाली करने के लिए 20 दिन की मोहलत दी है। इस तय समय सीमा के बीतने के बाद कभी भी बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है।
बिना नक्शा पास कराए हुआ 38 भवनों का निर्माण
क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट पर आरडीए ने 28 जून को एक वाद दर्ज किया था। इसके बाद मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के सचिव और विवि के रजिस्ट्रार को नोटिस भेजा गया। उन्हें 8 जुलाई तक भवनों के वैध नक्शे और दस्तावेज पेश करने का आदेश मिला था।
विवि प्रबंधन की ओर से दाखिल जवाब पर बुधवार 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई तय थी। रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने प्रबंधन का पक्ष सुना। इसके बाद उन्होंने नियमों के उल्लंघन के आधार पर सभी 38 अवैध भवनों को गिराने का आदेश पारित किया।
अवैध निर्माण न हटाने पर विवि से वसूला जाएगा खर्चा
सरकारी आदेश के मुताबिक सींगनखेड़ा गांव की भूमि पर बने एकेडमिक और मेडिकल भवन वैध हैं। इनके अलावा शेष 82309.80 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण किया गया। आरडीए ने कहा है कि प्रतिवादी 20 दिन में खुद अवैध निर्माण हटाकर विभाग को तुरंत सूचित करें।
यदि तय समय में यह कार्रवाई नहीं की गई तो रामपुर विकास प्राधिकरण खुद इन ढांचों को गिराएगा। इसके बाद ध्वस्तीकरण में आने वाला पूरा खर्च भू-राजस्व बकाये की तरह जौहर विवि से ही वसूला जाएगा। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के अधिकारियों को नोटिस भेज दिया गया है।
आचार संहिता उल्लंघन मामले में टली आजम खान की सुनवाई
धोखाधड़ी के मामले में जिला जेल में बंद आजम खान को एक और मामले में राहत नहीं मिली। स्वार कोतवाली में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के केस में बुधवार को सुनवाई टल गई। अब एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।

