Ghaziabad News: गाजियाबाद के संजयनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ऑटो किराये के विवाद के बाद पुलिस पिंक बूथ का शीशा टूटने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि वह 40 मिनट तक मदद के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी जान नहीं बचाई।
संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पर एक युवक ने सहायता के लिए दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान कांच टूटने से हाथ की नस कट गई और तेजी से खून बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बूथ में मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने खुद को अंदर बंद कर लिया और बाहर नहीं आईं।
परिजनों का आरोप, समय पर इलाज मिलता तो बचती जान
मृतक राजकुमार की मां चिंता देवी ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हाथ की नस कटने के बाद उनका बेटा 40 मिनट तक खून से लथपथ तड़पता रहा। अगर पुलिसकर्मी उसे तुरंत अस्पताल पहुंचा देते, तो समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकती थी।
इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच अब एसीपी महिला अपराध को सौंप दी गई है। बुधवार को जांच अधिकारी के कार्यालय में मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस विभाग घटना से जुड़े सभी तथ्यों, मौके पर तैनात कर्मियों की भूमिका और उपचार में हुई देरी की गहन जांच कर रहा है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए खंगाले जाएंगे सुराग
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, निष्पक्ष जांच के लिए घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले जाएंगे। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर ऑटो चालक और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मधुबन बापूधाम थाने में पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है।
बेटे की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने पुलिस चौकी पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने आश्वासन दिया है कि रिपोर्ट मिलते ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

