Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की एक विशेष अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने बुधवार को उनके खिलाफ दायर एक मानहानि की पुनरीक्षण याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया है।
यह पूरा मामला साल 2020 में हुए हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता की मौत के बाद राहुल गांधी द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों से जुड़ा हुआ है। इस संवेदनशील मामले में शिकायतकर्ता पक्ष के वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने अदालत के इस नए आदेश की जानकारी दी है।
सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) कोर्ट के अपर जिला न्यायाधीश विजय कुमार ने इस पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार किया है। कोर्ट ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजने के साथ ही इस मामले की अगली सुनवाई के लिए आगामी 11 अगस्त की तारीख तय कर दी है।
निचली अदालत से खारिज हुई थी शिकायत
इस मामले में पहले बरी हो चुके रवि, राम कुमार और लव कुश के वकील पुंडीर ने बताया कि इससे पहले अपर दीवानी न्यायाधीश की अदालत ने 13 मई को राहुल गांधी के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं ने शिकायत खारिज करने के आदेश के खिलाफ सत्र अदालत में एक नई पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। इस याचिका को अब सत्र अदालत ने गंभीरता से लेते हुए सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। बता दें कि सितंबर 2020 में हाथरस में एक दलित लड़की के साथ यह वारदात हुई थी।
बयान पर आपत्ति और हर्जाने की मांग
इस केस में कुल 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा चला था, जिनमें से तीन आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था। केवल संदीप नाम के एक आरोपी को दोषी ठहराया गया था, जो फिलहाल जेल में बंद है। बरी हुए लोगों ने राहुल गांधी के एक पुराने बयान पर गहरी आपत्ति जताई है।
आरोप है कि राहुल गांधी ने 12 दिसंबर 2024 को पीड़िता के गांव का दौरा किया था। वहां उन्होंने कहा था कि पीड़िता का परिवार घर में कैद है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। बरी हुए तीनों लोगों ने इसे अपनी मानहानि बताते हुए राहुल गांधी से डेढ़ करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

