Hisar News: हरियाणा में मानसून की रफ्तार थमने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में मानसून ब्रेक की स्थिति बनने के कारण अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इससे पूरे राज्य में उमस काफी बढ़ गई है।
हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जैसे जिलों में केवल छिटपुट बूंदाबांदी ही देखने को मिली है। राज्य में लगातार चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी बढ़ गई है। इस वजह से आम जनता को पसीना छुड़ाने वाली भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया कि 19 से 31 जुलाई के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए विभाग ने राज्य के कई इलाकों के लिए बाकायदा अलर्ट भी जारी कर दिया है।
तराई क्षेत्रों में पहुंची मानसून टर्फ लाइन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मौजूदा समय में मानसून टर्फ लाइन तराई वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ गई है। इसी वजह से हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में मानसून की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। इस साल मानसून की गतिविधियों पर अलनीनो का भी बुरा असर दिख रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में 1 जून से 14 जुलाई के बीच मात्र 106.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के 6 जिलों यमुनानगर, महेंद्रगढ़, पलवल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में तो सामान्य से अधिक पानी बरसा है, लेकिन बाकी जिलों में औसत से बेहद कम बारिश हुई है।
धान की रोपाई को लेकर किसान परेशान
इस लंबे मानसूनी ब्रेक की वजह से राज्य के किसानों की चिंताएं एक बार फिर काफी बढ़ गई हैं। जो किसान पूरी तरह बारिश के भरोसे धान की बुआई और रोपाई की तैयारियों में जुटे थे, उन्हें अब फसलों के नुकसान और खेतों के सूखने का डर सताने लगा है।
उचित बारिश न होने के चलते हरियाणा के ज्यादातर इलाकों में तापमान तेजी से ऊपर चढ़ गया है। राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है। नारनौल में बुधवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है।

