Delhi News: आम आदमी पार्टी (आप) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा ने इन प्राथमिकियों (FIR) के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, संदीप पाठक ने रविवार को अपने दिल्ली स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
एफआईआर की आधिकारिक जानकारी नहीं
संदीप पाठक ने स्पष्ट किया कि उन्हें पंजाब में दर्ज इन दोनों एफआईआर के बारे में अभी तक कोई औपचारिक या अनौपचारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शनिवार से ही मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें कुछ नहीं बताया गया। पाठक ने आशंका जताई कि सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके ये मामले दर्ज किए गए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर की कॉपी देखने के बाद ही वह इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
नीति और धर्म के सिद्धांतों का हवाला
सांसद पाठक ने अपने चरित्र और कार्यशैली का बचाव करते हुए कहा कि वे हमेशा नीति और धर्म के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी में रहते हुए भी उन्होंने इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर काम किया और अब भाजपा में भी वह इसी विचारधारा पर अडिग रहेंगे। पाठक के अनुसार, उनके साथ काम करने वाले सभी लोग जानते हैं कि वह कभी भी अपने नैतिक मूल्यों और राजनीतिक धर्म से समझौता नहीं करते।
व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, सैद्धांतिक मतभेद है कारण
पार्टी छोड़ने के फैसले पर संदीप पाठक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘आप’ को छोड़ने के पीछे कोई व्यक्तिगत कारण या लालच नहीं था। इसके पीछे मुख्य वजह लंबे समय से चले आ रहे सैद्धांतिक मतभेद और पार्टी की कार्यशैली में आया अंतर है। उन्होंने कहा कि अब उनका और आम आदमी पार्टी का रास्ता पूरी तरह अलग हो चुका है। राजनीति में सफलता-असफलता उनके लिए गौण है, लेकिन अपने सिद्धांतों पर टिके रहना सर्वोपरि है।
ईश्वर और साधारण व्यक्ति के विश्वास की बात
राजनीति की कठिन डगर पर चर्चा करते हुए संदीप पाठक ने कहा कि एक साधारण व्यक्ति के लिए इस क्षेत्र में आना और टिके रहना बहुत बड़ी चुनौती होती है। कई लोग इसी डर से राजनीति से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि अब जब वह इस रास्ते पर चल पड़े हैं, तो उन्हें पूरा विश्वास है कि ईश्वर उनके जैसे निष्ठावान व्यक्ति का साथ जरूर देगा। पाठक ने दोहराया कि वह किसी भी दबाव में आए बिना देशहित में भाजपा के साथ काम करना जारी रखेंगे।

