Delhi News: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की घोषणा की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश इलाकों में मानसून पहुंच चुका है। अगले दो से तीन दिनों में गुजरात और राजस्थान के शेष इलाकों में भी इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और मानसून
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम अगले दो दिनों में और अधिक मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। इस वजह से कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने दो से पांच जुलाई के बीच दक्षिण गुजरात और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सौराष्ट्र-कच्छ, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और मध्य महाराष्ट्र में भी तीन से पांच जुलाई के दौरान रिकॉर्डतोड़ बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव और खराब मौसम के प्रति सावधान रहने को कहा गया है।
पिछले चौबीस घंटों के दौरान मुंबई समेत कोंकण के इलाकों में इक्कीस सेंटीमीटर से अधिक की भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र के कई जिलों में भी बारह से बीस सेंटीमीटर तक पानी बरसा है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भी लगातार मध्यम से तेज बारिश हो रही है।
दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम का ताजा हाल
उत्तर प्रदेश के सभी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में पिछले चौबीस घंटों से झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम कार्यालय का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा और रुक-रुक कर तेज बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में भी मानसून की एंट्री के साथ मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। यहां अधिकतम तापमान तीस से बत्तीस डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
खराब मौसम में सुरक्षा के लिए मौसम विभाग की एडवाइजरी
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में फिलहाल बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों को बिना वजह घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी है। यात्रियों को जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने और सफर शुरू करने से पहले ट्रैफिक की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है।

