राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में हरियाणा का दबदबा, छोटा राज्य होने के बावजूद टैक्स कलेक्शन में बनाया बड़ा रिकॉर्ड

Panchkula News: हरियाणा ने देश के कुल जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का भारी योगदान देकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह महत्वपूर्ण जानकारी आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने दी। उन्होंने बताया कि छोटा राज्य होने के बावजूद आर्थिक प्रगति में हरियाणा ने सभी बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा का कुल क्षेत्रफल देश का केवल 1.34 प्रतिशत ही है। यहाँ की आबादी भी राष्ट्रीय जनसंख्या की महज 2.2 प्रतिशत के करीब है। इसके बाद भी वित्त वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच राज्य का कुल जीएसटी राजस्व दोगुने से अधिक बढ़ चुका है।

जून के महीने में दर्ज हुई रिकॉर्ड आर्थिक वृद्धि

आशिमा बराड़ ने पंचकूला में आयोजित जीएसटी की 9वीं वर्षगांठ समारोह में आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि जून 2025 की तुलना में जून 2026 में जीएसटी संग्रह में 14.66 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। जून 2025 के 3,641 करोड़ रुपये के मुकाबले जून 2026 में 4,175 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ।

इस भारी टैक्स कलेक्शन के साथ हरियाणा पूरे देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य इस सूची में गुजरात और आंध्र प्रदेश के बाद सबसे प्रमुख बनकर उभरा है। जून के दौरान पूरे देश में राज्य जीएसटी संग्रह की राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर केवल 9 प्रतिशत ही रिकॉर्ड की गई है।

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चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में भी पहला स्थान

सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों में हरियाणा पहले स्थान पर है। राज्य जीएसटी राजस्व की संचयी वृद्धि दर में इसने सभी राज्यों को पछाड़ दिया है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस बार 32 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 18 प्रतिशत रही है। आशिमा बराड़ ने पिछले नौ वर्षों के शानदार सफर पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे विभाग ने सभी आर्थिक चुनौतियों पर काबू पाकर इस अप्रत्यक्ष कर ढांचे को मजबूत बनाया है।

जीएसटी टैक्स स्लैब में सुधार से मिली राहत

सरकार ने सितंबर 2025 में एक बड़ा जीएसटी सुधार लागू किया था। इसमें जीएसटी के मल्टी-टियर रेट स्ट्रक्चर को सरल बनाकर व्यावहारिक रूप से दो-स्तरीय रेट स्ट्रक्चर में बदल दिया गया। इसके तहत सभी जरूरी वस्तुओं को 5 प्रतिशत के स्लैब में और आम उपभोक्ता सामान को 18 प्रतिशत की मानक दर पर फिक्स किया गया है।

इस रेट युक्तिकरण ने आम उपभोक्ताओं पर से टैक्स का बोझ काफी कम कर दिया है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने भी राज्य की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान भी हरियाणा 22 प्रतिशत ग्रोथ के साथ देश में सबसे आगे रहा था।

उन्होंने इस सफलता के लिए सभी ईमानदार करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स के योगदान की जमकर तारीफ की। इस विशेष समारोह में उत्कृष्ट काम करने वाले करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। विभाग ने आगे भी एक पारदर्शी और कुशल कर प्रशासन की दिशा में सभी से सहयोग करने की अपील की।

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