क्रोनिक कब्ज को कहें अलविदा, सीनियर डायटीशियन से जानिए आंतों को साफ करने का अचूक आयुर्वेदिक फॉर्मूला!

Delhi News: लगातार रहने वाली कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज की गंभीर समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। देश के वरिष्ठ हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कब्ज का समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह आगे चलकर पाइल्स (बवासीर) जैसी अत्यंत दर्दनाक बीमारी का रूप ले सकती है। इसलिए शुरुआती स्टेज में ही इसके लक्षणों को पहचानकर सही उपचार करना बेहद जरूरी माना जाता है।

जिन लोगों को पेट में लगातार कब्ज की शिकायत रहती है, उनका स्टूल यानी मल आसानी से पास नहीं हो पाता है। इस वजह से आंतों में गंदगी जमा होने लगती है, जो लंबे समय तक रुके रहने के कारण पेट में फर्मेंटेशन यानी सड़न पैदा करती है। इसी वजह से शरीर में गैस, पेट फूलना (ब्लोटिंग) और डाइजेशन से जुड़ी कई अन्य गंभीर परेशानियां खड़ी होने लगती हैं, जो दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं।

पाचन बिगड़ने से शरीर पर होने वाले अन्य दुष्प्रभाव

लंबे समय तक कब्ज रहने के कारण मरीजों में भूख कम लगना, चिड़चिड़ापन, मूड खराब रहना और एपेटाइट लॉस जैसी मानसिक व शारीरिक परेशानियां भी तेजी से बढ़ने लगती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खराब पाचन तंत्र की वजह से हमारा शरीर भोजन में मौजूद जरूरी विटामिन्स और न्यूट्रिएंट्स को सही तरीके से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता है। इसके कारण शरीर आंतरिक रूप से कमजोर होकर दूसरी अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है।

इस गंभीर समस्या से प्राकृतिक रूप से राहत दिलाने के लिए अतिया हर्ब्स (Atiya Herbs) की सीनियर डायटीशियन और हेल्थ एक्सपर्ट अलीना खान ने एक बेहद असरदार घरेलू नुस्खा साझा किया है। उन्होंने कब्ज को जड़ से खत्म करने के लिए सौंफ, अजवाइन, सोंठ, जीरा और आंवले के विशेष मिश्रण का सेवन करने की सलाह दी है। यह आयुर्वेदिक मिश्रण न केवल पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, बल्कि शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को भी बाहर निकालता है।

जानिए कैसे काम करती हैं ये पांच आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां

आयुर्वेद के अनुसार, कब्ज मुख्य रूप से शरीर में वात दोष के असंतुलित होने और पाचन अग्नि के कमजोर पड़ने की वजह से होता है। ऐसे में सौंफ पेट को जरूरी ठंडक देने के साथ गैस की समस्या को कम करती है। वहीं, सूखी अदरक से बनी सोंठ पेट की पाचक अग्नि को तेज करती है, जिससे भोजन बहुत जल्दी पच जाता है। जीरा आंतों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है, जबकि अजवाइन पाचक रसों को सक्रिय करके पेट के भारीपन को दूर करती है।

इस मिश्रण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आंवला है, जो प्रचुर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह आंतों को पूरी तरह साफ रखने और मल को प्राकृतिक रूप से नरम बनाने में मदद करता है। इस असरदार चूर्ण को बनाने के लिए आप एक-एक चम्मच सौंफ, जीरा और आंवला पाउडर लें। अब इसमें आधा-आधा चम्मच सोंठ और अजवाइन का पाउडर अच्छी तरह मिलाकर एक कांच के साफ जार में सुरक्षित रख लें।

सीनियर डायटीशियन अलीना खान के मुताबिक, इस तैयार मिश्रण का भरपूर लाभ लेने के लिए रोज सुबह और शाम को खाना खाने से पहले एक चम्मच चूर्ण को हल्के गुनगुने पानी के साथ पिएं। यदि आप चाहें तो स्वाद और बेहतर पाचन के लिए इसमें एक चुटकी काला नमक भी मिला सकते हैं। नियमित रूप से इस प्राकृतिक उपाय को अपनाने से पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सकती है।

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