मोटापे की गिरफ्त में भारतीय महिलाएं: सरकार के नए सर्वे में डराने वाले खुलासे, जानें पुरुषों और शहरी आबादी को कितना खतरा

Health News: देश में मोटापा और खतरनाक डायबिटीज तेजी से एक बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं। हाल ही में जारी सरकारी स्वास्थ्य सर्वे के ताजा आंकड़ों ने इस चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है। वर्ष 2019 के बाद से इन मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस भयंकर तेजी की मुख्य वजह लोगों की बदलती खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान और फिजिकल एक्टिविटी में आई भारी कमी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा जानलेवा हो सकती है।

इस राष्ट्रीय सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मोटापे का सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं हो रही हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ओवरवेट के केस बहुत तेजी से बढ़े हैं। वहीं दूसरी ओर हाई ब्लड शुगर के मामले में पुरुषों की संख्या में भारी उछाल आया है।

NFHS-6 के आंकड़े: हर तीन में से एक महिला ओवरवेट, पुरुषों में भी बढ़ा मोटापा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के अनुसार, भारत में वयस्कों के बीच मोटापा महामारी का रूप ले रहा है। सर्वे में पाया गया कि 15 से 49 साल के पुरुषों और महिलाओं में ओवरवेट की दर पिछले पांच वर्षों में काफी बढ़ी है।

पांच सालों में पुरुषों में यह बढ़ोतरी 4.4 प्रतिशत और महिलाओं में 6.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। साल 2019-21 में जहां 24 प्रतिशत महिलाएं मोटापे का शिकार थीं, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 30.7 प्रतिशत पहुंच गया है। यानी देश की हर तीन में से एक महिला अब ओवरवेट है।

इस राष्ट्रव्यापी सर्वे को मुंबई स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS) की देखरेख में पूरा किया गया है। सर्वे के तहत मणिपुर को छोड़कर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 715 जिलों में करीब 6.79 लाख से अधिक परिवारों को शामिल किया गया था।

शहरी इलाकों में बढ़ा जंक फूड का खतरा, पुरुषों में हाई ब्लड शुगर की बीमारी तेज

सर्वे के मुताबिक मोटापे का शिकार ग्रामीण आबादी के मुकाबले शहरी लोग सबसे ज्यादा हो रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में रहने वाली 42.8 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं। इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में यह आंकड़ा अभी केवल 25.5 प्रतिशत ही दर्ज किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में जंक फूड का बढ़ता सेवन, लगातार सिटिंग जॉब और पैदल चलने की आदत खत्म होने से ऐसे हालात बने हैं। सिर्फ मोटापा ही नहीं, बल्कि देश में साइलेंट किलर मानी जाने वाली डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।

सर्वे के अनुसार 15 साल से बड़े पुरुषों में हाई ब्लड शुगर (140 mg/dl से अधिक) और उसकी दवा लेने वालों का आंकड़ा 15.6 प्रतिशत से बढ़कर 20.9 प्रतिशत हो गया है। शहरी महिलाओं में भी ब्लड शुगर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, हालांकि पुरुषों से यह कम है।

Author: Asha Thakur

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