Health News: दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक आने के बाद अक्सर लोग शारीरिक रूप से पूरी तरह निष्क्रिय हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि एक बार अटैक पड़ने के बाद बहुत धीमा मूवमेंट करना चाहिए ताकि दिल पर दबाव न पड़े। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह सोच पूरी तरह गलत है।
हार्ट अटैक के बाद हुई सर्जरी से अगर शरीर अच्छी तरह रिकवर हो चुका है, तो दोबारा फिजिकल एक्टिविटी शुरू करना बेहद जरूरी है। दरअसल, दिल की मांसपेशियां भी शरीर के दूसरे अंगों की तरह होती हैं, जिन्हें नियमित और सुरक्षित एक्सरसाइज के जरिए ही दोबारा मजबूत बनाया जा सकता है।
अगर आपको अपने दिल को लंबे समय तक मजबूत रखना है, तो शारीरिक सक्रियता बेहद जरूरी है। हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज को पूरी तरह नजरअंदाज करने का मतलब दूसरी बार हार्ट अटैक को न्योता देना हो सकता है। इसलिए जानना जरूरी है कि कौन सी एक्सरसाइज कब करनी चाहिए।
हार्ट अटैक के कितने समय बाद शुरू करें वर्कआउट?
हार्ट अटैक आने के कितने समय बाद आपको कसरत शुरू करनी है, इस बात की सटीक जानकारी अपने डॉक्टर से लेना सबसे जरूरी है। आपकी एक्सरसाइज पूरी तरह से हार्ट ट्रीटमेंट के प्रकार पर निर्भर करती है। आमतौर पर पहले से छठे हफ्ते तक हमेशा लो-लेवल एक्टिविटीज पर ही फोकस करना चाहिए।
शुरुआत में केवल दो से तीन मिनट की हल्की वॉक शामिल करें। धीरे-धीरे डॉक्टर की सलाह पर इसकी समय सीमा को बढ़ाया जा सकता है। जब शरीर पूरी तरह सहज हो जाए, तो सप्ताह में कम से कम 5 दिन करीब 30 मिनट की वॉक करने का लक्ष्य निर्धारित करना फायदेमंद होता है।
नियमित वॉक करने के अलावा घर की हल्की क्लीनिंग और गार्डनिंग जैसी दैनिक शारीरिक गतिविधियों को भी धीरे-धीरे रूटीन में लाएं। शुरुआत में इन्हें प्रतिदिन केवल 10 मिनट तक ही करें। इससे आपके शरीर का स्टैमिना बिना किसी अतिरिक्त दबाव या तनाव के धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।
दिल को दोबारा मजबूत बनाने वाली सुरक्षित एक्सरसाइज
हार्ट से जुड़े ट्रीटमेंट के बाद कई ऐसी आसान एक्सरसाइज हैं, जिन्हें आसानी से किया जा सकता है। इनमें योग, पिलाटेज और हल्की स्ट्रेचिंग शामिल हैं। इन्हें अपने रूटीन में शामिल करें, लेकिन ध्यान रहे कि कसरत की टाइमिंग और तीव्रता को हमेशा बहुत धीरे-धीरे ही आगे बढ़ाना चाहिए।
रिकवरी के शुरुआती दौर में शॉर्ट वॉक सबसे जरूरी और सुरक्षित मानी जाती है। बिना शरीर को कोई कष्ट दिए ताकत बढ़ाने के लिए हर दिन 5 से 10 मिनट की वॉक से शुरुआत करें। इसके अलावा ब्रीदिंग एक्सरसाइज यानी प्राणायाम को अपने डेली रूटीन में जरूर जगह दें।
गहरी और धीमी सांस लेने वाली ब्रीदिंग एक्सरसाइज मानसिक तनाव को तेजी से कम करती हैं और दिल की धड़कन को शांत रखती हैं। अगर आपकी कोई हार्ट सर्जरी हुई है, तो लगभग 1 से 6 सप्ताह के बाद डॉक्टर की अनुमति से बाजुओं और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
ब्लड सर्कुलेशन और लोअर बॉडी के लिए खास मूवमेंट्स
हार्ट से लेकर पैरों तक ब्लड का फ्लो यानी खून का दौरा अच्छी तरह बना रहे, इसके लिए हील रेजेज एक्सरसाइज बेहतरीन है। यह पैरों को मजबूती देती है। इसे करने के लिए अगर सपोर्ट की जरूरत हो, तो शुरुआत में किसी मजबूत कुर्सी या दीवार की मदद जरूर लें।
इसके साथ ही सिट-टू-स्टैंड एक्सरसाइज भी काफी फायदेमंद साबित होती है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए आपको बस एक कुर्सी पर बार-बार बैठकर सुरक्षित तरीके से खड़े होने का अभ्यास करना होता है। यह एक्सरसाइज लोअर बॉडी की स्ट्रेंथ को पूरी सेफ्टी के साथ धीरे-धीरे बढ़ाती है।
हार्ट के मरीजों को कसरत करते समय कुछ विशेष सावधानियां रखनी चाहिए। अगर एक्सरसाइज के दौरान सीने में हल्का भी दर्द हो, अचानक चक्कर आने लगें या फिर सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ महसूस होने लगे, तो फौरन वर्कआउट रोक दें और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
Author: Asha Thakur

