Karnataka News: बैंगलोर की भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के स्ट्रेस से कुछ घंटों का सुकून भरा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो शहर से महज डेढ़ घंटे की दूरी पर मौजूद मुथ्याला मडुवु वॉटरफॉल आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।
घने जंगलों और शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह खूबसूरत झरना अपनी मोतियों जैसी चमकती पानी की धाराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यही वजह है कि स्थानीय लोग और ट्रेवलर्स इसे बेहद प्यार से “पर्ल वैली” के नाम से भी पुकारते हैं।
बैंगलोर के आसपास कई बेहद प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट्स मौजूद हैं, लेकिन मुथ्याला मडुवु वॉटरफॉल अब भी आम लोगों की भारी भीड़भाड़ से काफी हद तक बचा हुआ है। अगर आप भी चिलचिलाती गर्मी से तुरंत राहत पाना चाहते हैं, तो यह छिपी हुई जगह आपके लिए जन्नत से कम नहीं है।
जानिए बैंगलोर से कितनी दूर है मुथ्याला मडुवु और क्या है इसका सबसे सटीक रूट
इसकी दूरी की बात करें तो मुथ्याला मडुवु सिल्क बोर्ड या मुख्य बैंगलोर से सिर्फ 41 किलोमीटर दूर स्थित है। अपने निजी वाहन या टैक्सी से यहां पहुंचने के लिए आपको महज 1.33 घंटे यानी लगभग 90 मिनट का समय लगेगा।
सड़क मार्ग से जाने के लिए आपको इलेक्ट्रॉनिक सिटी से चंदपुरा, फिर अनेकल और वहां से सीधे मुथ्याला मडुवु का रूट लेना होगा। यह सबसे सीधा और सटीक रास्ता माना जाता है। इसके अलावा आप बैंगलोर से सरकारी बस, प्राइवेट कैब या नजदीकी स्टेशन तक ट्रेन से भी आसानी से पहुंच सकते हैं।
मानसून और उसके ठीक बाद के महीनों में यह वॉटरफॉल एक अद्भुत और अलौकिक नजारा पेश करता है। जब पानी की तेज धाराएं ऊंची चट्टानों से नीचे टकराती हैं, तो पानी की बूंदें मोतियों की तरह चमकती हैं। यहां की हरियाली और पक्षियों की चहचहाहट मन को सुकून से भर देती है।
एडवेंचर के शौकीनों के लिए ट्रैकिंग का मौका, पास में है प्राचीन शिव मंदिर
यह खूबसूरत जगह सिर्फ अपने ठंडे झरने के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य रोमांचक गतिविधियों के लिए भी जानी जाती है। एडवेंचर के शौकीन लोग झरने के आसपास के जंगलों में शानदार ट्रैकिंग का आनंद ले सकते हैं।
कई खूबसूरत ट्रेल्स पर्यटकों को झरने के ऊपरी हिस्से तक ले जाते हैं, जहां से पूरी पर्ल वैली का एक बेहद शानदार पैनोरमिक व्यू दिखाई देता है। इसके अलावा यह पूरी घाटी बर्ड वॉचिंग, फैमिली पिकनिक और बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए एक परफेक्ट और शांत डेस्टिनेशन है।
इस वॉटरफॉल के ठीक पास में स्थित भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। सुबह के समय मंदिर में होने वाली पूजा-अर्चना यहां के पूरे माहौल को बेहद पवित्र, आध्यात्मिक और शांत बना देती है।
Author: Suresh Gowda


