Health: आज के समय में फिटनेस और वजन घटाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। मसल्स बनाने और खुद को फिट रखने के लिए लोग अपनी खुराक में अंडे, चिकन, दालें और प्रोटीन सप्लीमेंट्स जैसी चीजों की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ा रहे हैं।
इस प्रोटीन क्रांति के बीच देश में हाई यूरिक एसिड के मरीजों की संख्या भी रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रही है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से जोड़ों में भयंकर दर्द, उंगलियों में सूजन और आगे चलकर गठिया यानी गाउट जैसी बेहद दर्दनाक बीमारियां पैदा हो जाती हैं।
यूरिक एसिड असल में शरीर में बनने वाला एक गंदा टॉक्सिक पदार्थ है, जिसे किडनी छानकर शरीर से बाहर निकाल देती है। जब इसकी मात्रा खून में जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो यह हड्डियों के जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है।
प्रोटीन और यूरिक एसिड का असली और गहरा कनेक्शन
ज्यादा प्रोटीन खाने मात्र से यूरिक एसिड नहीं बढ़ता है। असल फर्क इस बात से पड़ता है कि आप प्रोटीन किस सोर्स से ले रहे हैं। कुछ खास प्रकार के प्रोटीन फूड्स में ‘प्यूरिन’ नामक तत्व की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर के लिए खतरनाक है।
जब हमारा शरीर इस प्यूरिन तत्व को तोड़ता है, तो बाई-प्रोडक्ट के रूप में यूरिक एसिड का निर्माण होता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक हाई-प्यूरिन वाली चीजों का सेवन करता रहेगा, तो उसकी किडनी इस कचरे को शरीर से बाहर निकालने में पूरी तरह नाकाम हो जाएगी।
इन प्रोटीन फूड्स का सेवन तुरंत कर दें बेहद कम
विश्व प्रसिद्ध मायो क्लिनिक के अनुसार, यूरिक एसिड की समस्या होने पर कुछ हाई-प्यूरिन प्रोटीन फूड्स से दूरी बनाना जरूरी है। मरीजों को अपनी डाइट में रेड मीट, ऑर्गन मीट (कलेजी आदि), कुछ विशेष मछलियां और सी-फूड्स का सेवन तुरंत सीमित कर देना चाहिए।
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप प्रोटीन खाना ही बंद कर दें। आप प्रोटीन के सुरक्षित और बेहतर विकल्प चुन सकते हैं। डाइट में अंडे, लो-फैट दूध, दही, पनीर और पौधों से मिलने वाले प्लांट-बेस्ड प्रोटीन को शामिल करना सेहत के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
यूरिक एसिड को हमेशा कंट्रोल रखने के लिए दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। इसके अलावा मीठे कोल्ड ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड और शराब के सेवन से पूरी तरह बचें। यूरिक एसिड बढ़ने पर खुद डॉक्टर बनने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लें।
Author: Asha Thakur


