Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को कांगड़ा जिले के धर्मशाला स्थित दाड़ी में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विरोधियों की तीखी बयानबाजी पर जमकर पलटवार किया।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक लोग पंचायत चुनाव तीन महीने टालने को लेकर लगातार गलत बयानबाजी कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव 31 मई से पहले करवाने की बड़ी घोषणा की गई।
पंचायतों के विकास के लिए बजट की कमी नहीं होगी
सीएम ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को भरोसा दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों और पंचायतें चलाने के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने समय-समय पर जनप्रतिनिधियों का वेतन बढ़ाया है और आने वाले समय में भी संवाद का यह सिलसिला जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने समाज को खोखला कर रहे नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रधानों को अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर काम करें और इस बड़ी जंग में सरकार को अपना पूरा सहयोग दें।
कांगड़ा जिला बनेगा हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी
राज्य सरकार जिला कांगड़ा को हिमाचल प्रदेश की प्रमुख पर्यटन राजधानी के तौर पर तेजी से विकसित कर रही है। इसके लिए गगल हवाई अड्डे का बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करके प्रभावित जनता को उचित मुआवजा राशि बांट दी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछली भयंकर प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों को नया घर बनाने के लिए सरकार ने 7 और 8 लाख रुपये की बड़ी आर्थिक मदद दी है। इतनी बड़ी सहायता राशि देश में कहीं नहीं मिलती है, क्योंकि हमारी सरकार ने हमेशा गरीब जनता का दर्द समझा है।
केंद्र की गलत नीतियों के कारण आत्मनिर्भरता में हुई देरी
सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट बंद कर दी गई। इसके साथ ही फौज में भी पक्की भर्ती को बंद किया गया। अगर केंद्र सरकार ने हमारी आरडीजी बंद नहीं की होती, तो हिमाचल अब तक पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाता।
Reported By: Harikarishan Sharma


