Health News: खूबसूरत, बेदाग त्वचा और चमकदार बालों के लिए विटामिन ई को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पावरफुल विटामिन न केवल आपकी स्किन को अंदर से पोषण देता है, बल्कि शरीर की कोशिकाओं (Cells) को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लोग अक्सर चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए महंगे विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कैप्सूल लगाने से कहीं ज्यादा फायदेमंद इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करना है। जब शरीर को अंदर से पोषण मिलता है, तो चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो आता है।
विटामिन ई मुख्य रूप से दिल, आंखों और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। वैसे तो तमाम तरह के नट्स और सीड्स इसका बेहतरीन जरिया माने जाते हैं। लेकिन बादाम, मूंगफली, अखरोट और सूरजमुखी के बीजों में से किसमें इसकी मात्रा सबसे ज्यादा है, यह जानना जरूरी है।
बादाम में होता है सबसे सक्रिय विटामिन ई
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम बादाम में लगभग 25.6 मिलीग्राम विटामिन ई (एल्फा-टोकोफेरोल) पाया जाता है। यह विटामिन ई का सबसे शुद्ध और बायोएक्टिव रूप है, जिसे हमारा शरीर बहुत ही आसानी और तेजी से अवशोषित कर लेता है।
हर दिन भीगे हुए बादाम खाने से शरीर में इस जरूरी एंटीऑक्सीडेंट की कमी कभी नहीं होती। यह त्वचा की महीन रेखाओं को कम करने और बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता और याददाश्त भी काफी बेहतर होती है।
सूरजमुखी के बीज हैं विटामिन ई के राजा
अगर बादाम और सूरजमुखी के बीजों (Sunflower Seeds) की तुलना की जाए, तो सूरजमुखी के बीज बाजी मार लेते हैं। यूएसडीए के डेटा के मुताबिक, 100 ग्राम सूरजमुखी के बीजों में पूरे 26.1 मिलीग्राम विटामिन ई होता है। इसमें टोकोफेरोल बीटा भी पाया जाता है, जो इसी परिवार का हिस्सा है।
सूरजमुखी के ये छोटे-छोटे बीज त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद करते हैं। इन्हें आप सुबह के नाश्ते में, स्मूदी में या फिर सलाद के ऊपर स्प्रिंकल करके बहुत ही आसानी से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
प्रोटीन और ओमेगा 6 से भरपूर है मूंगफली
गरीबों का बादाम कही जाने वाली मूंगफली भी विटामिन ई का एक बहुत ही अच्छा और किफायती विकल्प है। आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम मूंगफली में 8.33 मिलीग्राम एल्फा-टोकोफेरोल पाया जाता है। भले ही इसमें विटामिन ई बादाम से कम हो, लेकिन प्रोटीन के मामले में यह सबसे आगे है।
सौ ग्राम मूंगफली से शरीर को पूरे 25.8 ग्राम शुद्ध प्रोटीन मिलता है। इसके अलावा, यह ओमेगा 6 फैटी एसिड का भी एक बेहतरीन और प्राकृतिक जरिया है। मूंगफली का सेवन दिल की धमनियों को स्वस्थ रखने और शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में काफी मदद करता है।
गेहूं के अंकुर का तेल है सबसे बड़ा सोर्स
यदि आप नट्स और सीड्स से भी कहीं ज्यादा मात्रा में विटामिन ई चाहते हैं, तो व्हीट जर्म ऑयल (Wheat Germ Oil) यानी गेहूं के अंकुर का तेल आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है। यूएसडीए के अनुसार, 100 ग्राम गेहूं के अंकुर के तेल में अविश्वसनीय रूप से 149 मिलीग्राम विटामिन ई होता है।
इस तेल की मात्र एक छोटी चम्मच से ही आपके शरीर को लगभग 20.3 मिलीग्राम विटामिन ई मिल जाता है, जो आपकी दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपनी सुविधानुसार इन प्राकृतिक चीजों को बारी-बारी से डाइट में शामिल करें ताकि आपकी ओवरऑल हेल्थ मजबूत रहे।
Author: Asha Thakur


