ITR Filing Online: घर बैठे ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने के 7 आसान स्टेप्स, देखें पूरा तरीका

Business News: देश में नौकरीपेशा और व्यावसायिक वर्ग के लिए ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया है। अगर आप वित्तीय वर्ष FY 2025-26 (असेसमेंट ईयर AY 2026-27) के लिए अपना टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो इसे सीधे विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जमा कर सकते हैं।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म के लिए ऑनलाइन ई-फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी दोनों की सुविधा समय पर उपलब्ध करा दी है। हालांकि, सही फॉर्म का चयन और इनकम की सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। फाइलिंग शुरू करने से पहले पोर्टल से अपना फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS) जरूर डाउनलोड कर लें।

स्टेप 1 और 2: आधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन और असेसमेंट ईयर का चुनाव

सबसे पहले इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं। मौजूदा टैक्सपेयर्स अपने पैन (PAN) नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड का इस्तेमाल करके सीधे साइन इन कर सकते हैं। नए यूजर्स अपनी जरूरी डिटेल्स के जरिए पहले रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन के बाद ई-फाइल (e-File) सेक्शन में जाकर ‘फाइल इनकम टैक्स रिटर्न’ पर क्लिक करें।

इसके बाद स्टेप 2 में आपको सही असेसमेंट ईयर चुनना होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान की गई कमाई के लिए ड्रॉपडाउन मेनू से ‘AY 2026-27’ का चयन करें। फाइलिंग मोड के रूप में ‘ऑनलाइन’ विकल्प को चुनें और आगे बढ़ने के लिए ‘कंटिन्यू’ पर क्लिक करें। आप चाहें तो पुरानी अधूरी फाइलिंग को रीज्यूम भी कर सकते हैं।

स्टेप 3, 4 और 5: फाइलिंग स्टेटस, सही फॉर्म और रिटर्न भरने का कारण

तीसरे स्टेप में आपको अपनी टैक्स कैटेगरी चुननी होगी, जैसे कि इंडिविजुअल (Individual), एचयूएफ (HUF) या अन्य। इसके बाद चौथे और सबसे महत्वपूर्ण स्टेप में आपको अपनी कुल आय के स्रोतों के आधार पर सही आईटीआर फॉर्म (जैसे ITR-1 या ITR-2) का चयन करना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर आपका रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है।

पांचवें स्टेप में पोर्टल पर रिटर्न फाइल करने का मुख्य कारण पूछा जाएगा। इसमें अपनी स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनें, जैसे कि आपकी कुल वार्षिक आय बेसिक टैक्स छूट सीमा से अधिक होना, टैक्स रिफंड का दावा करना, पुराने वित्तीय नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करना या फिर हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन की कानूनी अनिवार्यताओं को पूरा करना।

स्टेप 6 और 7: टैक्स डिटेल्स का मिलान, सबमिशन और ई-वेरिफिकेशन

छठे स्टेप में अपने फॉर्म 16, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट को पास रखें। पोर्टल पर पहले से भरी हुई (Pre-filled) अपनी सैलरी, अन्य स्रोतों से आय, टैक्स कटौती (Deductions) और चुकाए गए कुल टैक्स क्रेडिट की जानकारी का मिलान करें। सब कुछ सही होने पर डेटा को वेरिफाई करके फाइनल सबमिशन के लिए आगे बढ़ें।

आखिरी और सातवें स्टेप में अपने पूरे रिटर्न की बारीकी से समीक्षा करें और उसे सबमिट कर दें। ध्यान रखें कि आईटीआर सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर इसे ई-वेरिफाई करना अनिवार्य है। आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए इसे तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं, जिसके बाद ही प्रोसेस पूरा माना जाएगा।

Author: Rajesh Kumar

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