उत्तराखंड के 216 अस्पतालों में नए डॉक्टरों की तैनाती: स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार का बड़ा कदम, टिहरी को मिले सबसे ज्यादा चिकित्सक

Dehradun News: उत्तराखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत और सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) सहित 216 चिकित्सालयों में नवनियुक्त डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।

इस नई तैनाती में पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार के इस कदम से सुदूर पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता काफी बेहतर होने की उम्मीद है। अब स्थानीय मरीजों को सामान्य इलाज के लिए भी बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग के इस बड़े फैसले के तहत पर्वतीय जिलों को प्राथमिकता देते हुए सबसे अधिक 44 डॉक्टर अकेले टिहरी जिले को आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा चमोली और पौड़ी जिलों को 27-27 नए डॉक्टर मिले हैं, जिससे इन क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग समेत मैदानी जिलों को भी मिले नए चिकित्सक

पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग जिलों को 24-24 चिकित्सक दिए गए हैं। वहीं, सीमांत जिले पिथौरागढ़ को 18, चंपावत को 14, बागेश्वर को 11 तथा उत्तरकाशी जिले को आठ नए डॉक्टर मिले हैं। इन डॉक्टरों की मदद से आपातकालीन और सामान्य उपचार व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी जिलों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में भी चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती की गई है। इसके तहत नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के प्रमुख महिला अस्पतालों और उप जिला चिकित्सालयों में डॉक्टरों को भेजा गया है, जिससे मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

गंभीर मरीजों के इलाज में होगा सुधार, स्वास्थ्य सचिव ने दी जानकारी

सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडेय ने बताया कि इन डॉक्टरों की तैनाती पूरी तरह से प्राथमिकता के आधार पर उन क्षेत्रों में की गई है, जहां लंबे समय से डॉक्टरों की भारी कमी चल रही थी। जिला अस्पतालों और विशेष रूप से आईसीयू (ICU) वार्डों में डॉक्टरों के आने से गंभीर मरीजों का इलाज आसान होगा।

इस महत्वपूर्ण पहल से न केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार होने की पूरी संभावना है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति तक उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचाना है।

Author: Harish Rawat

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