Bikaner News: राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पिछले दो सप्ताह के भीतर प्रसव के बाद छह प्रसूताओं की किडनी अचानक खराब हो गई। इस गंभीर घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित प्रसूताओं के इलाज में इस्तेमाल की गई 33 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं, इंजेक्शनों और खून के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। चिकित्सा विभाग ने इन सभी नमूनों को देश की प्रतिष्ठित गाजियाबाद, जयपुर, मुंबई और पुणे की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब) में भिजवाया है।
अस्पताल प्रशासन को अगले दो से तीन दिनों के भीतर इस शुरुआती जांच रिपोर्ट के मिलने की पूरी उम्मीद है। एहतियात के तौर पर, जिन संदिग्ध दवाओं और इंजेक्शनों से महिलाओं का उपचार किया जा रहा था, उनके इस्तेमाल पर अस्पताल में फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सटीक रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर यह साफ हो सकेगा कि आखिर प्रसूताओं की किडनी खराब होने की मुख्य वजह क्या थी। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान इस्तेमाल किए गए रक्त और संबंधित दवाओं की गहन जांच हो रही है।
नागौर से मंगवाई गईं नई दवाएं, वैकल्पिक इंतजाम शुरू
मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए संदिग्ध दवाओं के स्थान पर नागौर से विशेष रूप से मंगवाए गए नए बैच के इंजेक्शन और दवाओं का उपयोग शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही पीड़ित महिलाओं के इलाज के लिए कुछ अन्य सुरक्षित वैकल्पिक दवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है।
हालांकि उच्च अधिकारियों का कहना है कि कुछ विस्तृत जांच रिपोर्ट को पूरी तरह आने में 20 से 25 दिनों का लंबा समय भी लग सकता है। इस बीच, प्रभावित छह प्रसूताओं में से दो महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वे अब भी वेंटिलेटर पर हैं।
अस्पताल में भर्ती अन्य तीन महिलाओं का विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज लगातार जारी है। वहीं राहत की बात यह है कि एक महिला की हालत में अब काफी सुधार है, जिसे डॉक्टरों ने पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर सुरक्षित घर वापस भेज दिया है।
Author: Manish Rathore


