ज्यादा कॉफी पीने से सूख जाता है शरीर का पानी? इस डरावनी चेतावनी के पीछे का वैज्ञानिक सच जान लें आप

Delhi News: दुनिया भर के कॉफी प्रेमियों के लिए वर्षों से एक बेहद डरावनी चेतावनी लगातार सुनने को मिलती रही है। लोग अक्सर कहते हैं कि बहुत ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में पानी की भयंकर कमी यानी निर्जलीकरण (डीहाइड्रेशन) हो सकता है।

लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के चोटी के विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यह पुरानी धारणा मुख्यतः एक कोरा मिथक है। हालिया वैज्ञानिक शोधों और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों में सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन बिल्कुल भी डिहाइड्रेशन नहीं करता है।

कॉफी विश्व में सबसे अधिक शौक से पिए जाने वाले पेय पदार्थों में से एक है। इसके स्वास्थ्य प्रभावों पर बहस हमेशा सोशल मीडिया पर छिड़ी रहती है। लेकिन प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल पीएलओएस वन (PLOS One) में प्रकाशित एक प्रमुख अध्ययन ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है।

क्यों फैला कॉफी से डिहाइड्रेशन होने का यह भ्रम?

शोधकर्ताओं ने कॉफी पीने वालों और नियमित पानी पीने वालों के बीच हाइड्रेशन के स्तर की बहुत बारीकी से तुलना की थी। इस शोध में दोनों समूहों के शरीर में पानी की मात्रा के बीच कोई भी महत्वपूर्ण या बड़ा अंतर देखने को बिल्कुल नहीं मिला।

वास्तव में निर्जलीकरण का यह भ्रम मुख्यतः कैफीन के कारण उत्पन्न होता है, जो कॉफी में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक उत्तेजक है। कैफीन का शरीर पर हल्का मूत्रवर्धक (Diuretic) प्रभाव होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यह थोड़ी मात्रा में पेशाब को बढ़ा सकता है।

इसी कारण से, कई लोगों ने बिना सोचे-समझे यह मान लिया कि कॉफी पीने से स्वचालित रूप से शरीर से तरल पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। हालांकि, खेल पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, कॉफी में मौजूद पानी की प्रचुर मात्रा कैफीन के इस हल्के प्रभाव को पूरी तरह संतुलित कर देती है।

रोजाना 3 से 4 कप कॉफी पीना है पूरी तरह सेफ

वैज्ञानिक शोध यह साफ सुझाव देते हैं कि दिनभर में तीन से चार कप कॉफी पीने से स्वस्थ वयस्कों के हाइड्रेशन स्तर, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन या समग्र स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। नियमित कॉफी पीने वालों में शरीर समय के साथ कैफीन के प्रति सहनशीलता विकसित कर लेता है।

हालांकि मध्यम मात्रा में कॉफी का सेवन हाइड्रेशन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन विशेषज्ञ अत्यधिक कैफीन के सेवन के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी देते हैं। दिनभर में 400 से 500 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन शरीर के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

बहुत ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में घबराहट, चिंता, तेज दिल की धड़कन, खराब नींद, भयंकर अम्लता (एसिडिटी) या पाचन की असुविधा जैसे कई गंभीर दुष्प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए कॉफी की मात्रा पर हमेशा नियंत्रण रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

बाजार की मीठी कॉफी सेहत के लिए है अभिशाप

आजकल बाजारों में मीठे कॉफी पेय, सिरप, व्हीप्ड क्रीम और तरह-तरह की कृत्रिम मिठास से भरे कस्टमाइज्ड कॉफी की लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ रही है। ये अनहेल्दी पेय शरीर में उच्च मात्रा में चीनी और फालतू कैलोरी को चुपके से बढ़ा देते हैं।

यह मीठी और मलाईदार कॉफी फायदे के बजाय आपके शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी जोर देते हैं कि कॉफी को कभी भी पूरी तरह से सादे पानी का विकल्प नहीं बनाना चाहिए। पानी की अपनी एक अलग और बेहद जरूरी महत्ता है।

अधिकतम स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए कॉफी को हमेशा उसके सबसे सरल रूप में ही पीना चाहिए। बिना चीनी या भारी क्रीम के बनाई गई ब्लैक कॉफी (Black Coffee) शरीर को प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स देती है और वजन घटाने के साथ फोकस बढ़ाने में मदद करती है।

Author: Asha Thakur

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