पीरियड्स के अलावा भी होती है वजाइनल ब्लीडिंग? इसे न समझें मामूली बात, जानें कब पड़ सकती है डॉक्टर की जरूरत

Health News: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं होती हैं, जिन्हें अक्सर सामान्य समझकर पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। इन्हीं में से एक गंभीर समस्या है पीरियड्स के अलावा होने वाली वजाइनल ब्लीडिंग। कई बार महिलाएं इसे केवल हार्मोनल बदलाव या थकान मानकर टाल देती हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, पीरियड्स के अलावा होने वाला यह रक्तस्राव कुछ मामलों में बेहद गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का शुरुआती संकेत हो सकता है। खासकर 40 वर्ष की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में होने वाली असामान्य ब्लीडिंग को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

जब किसी महिला को दो पीरियड्स के बीच में अचानक रक्तस्राव हो, शारीरिक संबंध बनाने के बाद ज्यादा ब्लीडिंग हो या फिर मेनोपॉज होने के बाद भी खून आए, तो इसे मेडिकल भाषा में एबनॉर्मल ब्लीडिंग माना जाता है। समय पर जांच से बड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।

हार्मोनल असंतुलन और इन्फेक्शन भी हैं बड़े कारण

महिलाओं का मासिक धर्म चक्र मुख्य रूप से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन द्वारा नियंत्रित होता है। जब इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत प्रभावित होती है। लगातार मानसिक तनाव, अचानक वजन बदलने और गर्भनिरोधक दवाओं से यह असंतुलन पैदा होता है।

इसके अलावा वजाइना या सर्विक्स में संक्रमण होने पर भी रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। यीस्ट इन्फेक्शन, बैक्टीरियल संक्रमण या यौन संचारित संक्रमण (STI) इसके मुख्य कारण बनते हैं। संक्रमण के कारण अंगों में सूजन आ जाती है, जिससे खुजली, जलन और ब्लीडिंग होने लगती है।

इन छिपी हुई बीमारियों का हो सकता है संकेत

यदि ब्लीडिंग के साथ पेल्विक एरिया में तेज दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह फाइब्रॉइड का संकेत हो सकता है। फाइब्रॉइड गर्भाशय में बनने वाली गैर-कैंसर गांठें होती हैं, जिनसे भारी ब्लीडिंग होती है। इसके अलावा सर्विक्स में बनने वाले पॉलिप्स भी इसका कारण हैं।

एंडोमेट्रियोसिस और पीसीओएस (PCOS) जैसी बीमारियां भी पीरियड्स को पूरी तरह अनियमित बना देती हैं। गर्भावस्था के शुरुआती समय में होने वाली ब्लीडिंग को भी गंभीरता से लेना चाहिए। यह गर्भपात या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जैसी बड़ी और जानलेवा जटिलताओं की ओर इशारा हो सकता है।

बचाव के लिए जीवनशैली में करें सुधार

महिलाओं की अनियमित दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य का मासिक धर्म चक्र से सीधा संबंध होता है। पर्याप्त नींद न लेना, खराब खानपान और जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से हार्मोन्स का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है। एक स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को रोक सकते हैं।

अगर आपको बार-बार असामान्य ब्लीडिंग हो रही हो, चक्कर आ रहे हों या मेनोपॉज के सालों बाद अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई हो, तो तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करें। लक्षणों को सही समय पर पहचानना और सही इलाज लेना ही महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखता है।

Author: Asha Thakur

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