Kangra Crime News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल (टांडा) में एक बड़ा मामला सामने आया है। अस्पताल के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कार्डियोलॉजी विभाग में अपनी टीम के साथ अचानक छापेमारी की।
इस औचक निरीक्षण के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेश राणा, डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद राणा, फार्मासिस्ट और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे। टीम ने पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल भटनागर के तबादले के बाद उनके कमरे में रखी सरकारी अलमारी की गहन तलाशी ली।
अलमारी से मिला स्टंट और बैलून का भारी स्टॉक
प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि उन्हें विभाग को लेकर कुछ गुप्त शिकायतें मिली थीं। इसी आधार पर शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। अलमारी की जांच करने पर वहां भारी मात्रा में सर्जिकल स्टंट, मेडिकल बैलून, कैथेटर और अन्य कीमती स्वास्थ्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि बरामद किए गए चिकित्सा सामानों में से कई उपकरण अपनी इस्तेमाल की समयावधि (एक्सपायरी डेट) पूरी कर चुके हैं। प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि नियमों के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी या निजी जीवन रक्षक उपकरणों का स्टॉक अलमारी में रखना पूरी तरह अमान्य है।
विभागाध्यक्ष को केवल सीमित स्टॉक रखने के निर्देश
अस्पताल प्रशासन ने वर्तमान विभागीय अध्यक्ष डॉ. नरेश राणा को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कार्डियो विभाग में मरीजों के इलाज के लिए रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान का ही स्टॉक रखा जाए। किसी भी परिस्थिति में दो से तीन दिन से ज्यादा का बैकअप स्टॉक जमा न किया जाए।
डॉ. मिलाप शर्मा ने मीडिया को बताया कि यह पूरा मामला बेहद गंभीर है और यह पूरी तरह से उच्च स्तरीय जांच का विषय है। विभागीय कमेटी की विस्तृत जांच के बाद ही सच सामने आएगा। प्रशासन अब यह पता लगा रहा है कि अलमारी में एक्सपायरी सामान रखने का असली औचित्य क्या था।
Author: Raj Thakur


