भोपाल के चर्चित ट्विशा मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, सीजेआई खुद सोमवार को करेंगे सुनवाई

Madhya Pradesh News: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब एक बेहद बड़ा कदम उठाया है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ सोमवार को इस कथित हत्याकांड पर सुनवाई करेगी। सर्वोच्च अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर स्वत: संज्ञान लिया है।

शीर्ष अदालत ने माना है कि ससुराल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु एक गंभीर विषय है। कोर्ट ने मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और शुरुआती जांच की विसंगतियों को देखते हुए खुद संज्ञान लिया है। इस तीन सदस्यीय पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल रहेंगे।

नोएडा की मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की कहानी

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में फंदे से लटका मिला था। ट्विशा एक एमबीए ग्रेजुएट, योग टीचर और पूर्व मिस पुणे कंटेस्टेंट थीं। उन्होंने मॉडलिंग के साथ ही एक्टिंग और डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।

एक मशहूर डेटिंग ऐप के माध्यम से ट्विशा की मुलाकात भोपाल के नामी वकील समर्थ सिंह से हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरी मोहब्बत में बदल गई। इसके बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में धूमधाम से लव मैरिज कर ली। शादी के बाद ट्विशा अपने पति के साथ भोपाल के पॉश इलाके में शिफ्ट हो गई थीं।

आरोपी पति समर्थ सिंह मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व लीगल एडवाइजर रह चुका है। वहीं उसकी मां एक रिटायर्ड जज हैं। ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि रसूखदार परिवार होने के बावजूद शादी के तुरंत बाद से ही उनकी बेटी को भारी दहेज और कीमती सामान के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था।

character एसासिनेशन, जबरन अबॉर्शन और ओलंजापाइन दवाइयां देने का आरोप

ट्विशा के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के कई खौफनाक आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मृतका के चरित्र पर लगातार झूठे लांछन लगाए जा रहे थे। इस बीच जब ट्विशा गर्भवती हुईं, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनका जबरन गर्भपात भी करवा दिया। मायके वालों ने पुलिस पर भी ढिलाई के आरोप लगाए हैं।

परिजनों का सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि ट्विशा को मानसिक रूप से बीमार साबित करने की साजिश रची जा रही थी। इसके लिए उन्हें ओलंजापाइन जैसी हैवी डिप्रेशन की दवाइयां दी जाती थीं। वहीं दूसरी तरफ संदिग्ध मौत के बाद आरोपी सास गिरिबाला ने एक के बाद एक 46 संदिग्ध फोन कॉल किए थे।

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल और पुलिस ने नकारा ड्रग्स का दावा

बीती 12 मई को हुई इस संदिग्ध मौत के मामले को घर के सीसीटीवी फुटेज ने पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। फुटेज में सुबह 7 बजे ट्विशा बिल्कुल सामान्य और शांत अवस्था में अकेली छत की तरफ जाती दिखती हैं। इसके ठीक बाद करीब 8 बजकर 20 मिनट पर सीढ़ियों के पास अचानक अफरातफरी मच जाती है।

सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि पति समर्थ दो अन्य लोगों के साथ ट्विशा के बेजान शरीर को नीचे ला रहा है। वे उसे होश में लाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश करते हैं। इधर ससुराल वालों ने दावा किया था कि ट्विशा ड्रग्स एडिक्ट थी, लेकिन पुलिस ने इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

फॉरेंसिक और मेडिकल जांच में ट्विशा के खून के नमूनों में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ या ड्रग्स के अंश नहीं पाए गए हैं। इसी वजह से केस में हत्या और सुनियोजित साजिश का शक गहरा गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Author: Sachin Kulkarni

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