Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय चुनाव के बीच सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा की ओर से लगाए गए आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने विपक्ष के दोहरे मापदंडों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर बताया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल का उदाहरण दिया। सीएम के अनुसार साल 2020-21 के दौरान पंचायती राज और नगर निगम चुनावों के बीच भी तत्कालीन सरकार ने कैबिनेट बैठकें बुलाई थीं।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक फैसला
सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ने राज्य के व्यापार जगत के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत फैसले की घोषणा की। अब प्रदेश में कोई भी रेस्टोरेंट, बार या दुकान चौबीसों घंटे खुली रह सकती है। सरकार ने कारोबारियों को अपनी क्षमता के अनुसार काम करने की खुली आजादी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को राज्य की आर्थिक सेहत के लिए बेहद जरूरी बताया। इस कदम से हिमाचल प्रदेश में नाइट लाइफ और पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी। सरकार स्थानीय कारोबारियों को इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिलाकर एक सुरक्षित और सकारात्मक व्यापारिक माहौल देना चाहती है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर सुक्खू ने केंद्र को घेरा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर भी केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार टैक्स बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। जबकि उनकी राज्य सरकार नागरिकों को अधिक से अधिक सहूलियतें देने में जुटी है।
स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में जनता की भारी भागीदारी पर मुख्यमंत्री ने गहरा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोग पूरे उत्साह के साथ मतदान कर रहे हैं। पंचायत स्तर के नतीजे आने शुरू हो गए हैं, जबकि जिला परिषद और बीडीसी के वोटों की गिनती बाद में होगी।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रदेश की जागरूक जनता का आभार जताया। उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को मतदाताओं का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। सुक्खू ने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के केवल चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
Author: Sunita Gupta

