Shimla News: हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में चल रहा आंतरिक विवाद अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने शिमला मुख्यालय के डीएसपी विजय कुमार की शिकायत को गंभीरता से लिया है। कमीशन ने सूबे के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर आगामी पंद्रह दिनों में पूरी रिपोर्ट मांगी है।
डीएसपी विजय कुमार ने लगाया जाति आधारित उत्पीड़न का गंभीर आरोप
डीएसपी विजय कुमार ने बीते तीन जून को राष्ट्रीय आयोग को एक लिखित शिकायत भेजी थी। उन्होंने सीनियर अफसरों पर जानबूझकर जाति आधारित प्रताड़ना और अपमान करने का आरोप लगाया है। इस गंभीर शिकायत को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए आयोग ने सीधे पुलिस चीफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है।
सरकारी गाड़ी छीनने के विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
पुलिस महकमे के इस बड़े विवाद की शुरुआत एक अजीबोगरीब घटना से हुई थी। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने डीएसपी विजय कुमार की सरकारी गाड़ी अचानक छीन ली थी। उन्होंने एक पूर्व एसएसपी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी थी, जिससे नाराज होकर अफसरों ने यह प्रशासनिक कार्रवाई की थी।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग जारी करेगा कड़ा समन
आयोग के सीनियर इन्वेस्टिगेटर प्रवीण चंद्र दियुंडी ने इस संबंध में सख्त चेतावनी दी है। यदि पुलिस विभाग तय समय सीमा के भीतर उचित जवाब नहीं देता है, तो संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल कोर्ट की शक्तियों का प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत बड़े अफसरों को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

