Delhi News: देश में तेजी से बढ़ती डिजिटल क्रांति के बीच साइबर अपराध का एक खतरनाक जाल फैल गया है। शातिर अपराधी अब उम्र और लिंग को हथियार बनाकर समाज के अलग-अलग वर्गों को निशाना बना रहे हैं। वे बुजुर्गों की जमापूंजी लूटने के साथ बच्चों को भी जाल में फंसा रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल दुनिया में हमारे देश के वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। ऑनलाइन सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी न होने के कारण बुजुर्ग ठगों के आसान शिकार बन जाते हैं। अपराधी उनकी जीवनभर की सेवानिवृत्ति बचत को निशाना बनाते हैं।
डिजिटल अरेस्ट और बिजली काटने की धमकी देकर ठगी
शातिर ठग अक्सर बुजुर्गों के सीधेपन का फायदा उठाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसे घोटालों में डराते हैं। इसके अलावा वे बिजली विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर बिजली काटने की धमकी देते हैं। फिर मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेजकर उनके बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी चुरा लेते हैं।
इसी तरह महिलाओं के खिलाफ भी डिजिटल हमले लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ठग महिलाओं की नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और मॉर्फिंग के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करते हैं।
बच्चों पर साइबर हमलों का बढ़ता खतरा और विशेषज्ञ सलाह
सबसे चिंताजनक आंकड़े बच्चों से जुड़े साइबर अपराध के सामने आए हैं। साल 2024 में बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन शोषण के मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। अपराधी इंटरनेट पर नकली आईडी बनाकर मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं और उन्हें जाल में फंसाते हैं।
बढ़ते स्क्रीन टाइम और माता-पिता की निगरानी में कमी इस संकट को और गंभीर बना रही है। साइबर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर हमेशा सख्त नजर रखें। किसी भी अजनबी के साथ अपनी निजी तस्वीरें और बैंक डिटेल्स कभी भी शेयर न करें।
इंटरनेट का उपयोग करते समय किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान फाइल को डाउनलोड करने से बचें। यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आपकी सतर्कता ही आपको इस बड़े खतरे से सुरक्षित रख सकती है।

