Bijnor News: मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे-119 के निर्माण को लेकर चल रहा जमीन का विवाद अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हाईकोर्ट के कड़े निर्देश के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने किसानों के बैंक खातों में 19.8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी है। इससे लंबे समय से रुका हुआ प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ेगा।
गंगा बैराज से बिजनौर तक इस नेशनल हाईवे का करीब 12.50 किलोमीटर का हिस्सा पड़ता है। जमीन अधिग्रहण के कई मामले कोर्ट में लंबित होने से प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही थी। अब एनएचएआई बाकी विवादित मामलों के लिए भी 1.66 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मुआवजा राशि पांच जुलाई तक जिला न्यायालय में जमा करने जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश से हाईवे का निर्माण कार्य हुआ तेज
एनएचएआई ने मुआवजा राशि जमा कराने के लिए स्थानीय अदालत से बैंक अकाउंट डिटेल्स मांगी हैं। एक अन्य मामले में 8.29 लाख रुपये का भुगतान फिलहाल होल्ड पर रखा गया है क्योंकि संबंधित जमीन का मालिक अभी विदेश में है। इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने जिला कोर्ट में लंबित सभी मुकदमों को छह महीने में निपटाने का आदेश दिया है।
इस महत्वपूर्ण हाईवे के बहसूमा से बिजनौर तक के करीब 40 किलोमीटर लंबे हिस्से का काम तेजी से चल रहा है। गंगा नदी पर बन रहे नए पुल पर गर्डर डालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिजनौर शहर को बाईपास करने के लिए बन रहा सात किलोमीटर लंबा बाईपास सिर्फ 50 मीटर जमीन के विवाद में अटका हुआ था।
तीन जनपदों में सुलझा सर्किल रेट का बड़ा विवाद
हाईवे का यह हिस्सा मुख्य रूप से तीन प्रमुख जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर से होकर गुजरता है। मेरठ के चार गांवों में काफी समय से सर्किल रेट का मामला गंभीर बना हुआ था, जिसे अब प्रशासनिक स्तर पर सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। मुजफ्फरनगर के 17 किलोमीटर लंबे रूट पर भी सभी पुरानी रुकावटें पूरी तरह दूर कर दी गई हैं।
इस बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य कुल चार चरणों में प्लान किया गया था। इसमें मेरठ से बहसूमा और बिजनौर से नजीबाबाद तक का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच तीसरे चरण का काम अभी प्रगति पर है। अब सारे विवाद खत्म होने के बाद पूरा प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने की उम्मीद है।

