Rudraprayag News: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ और गौरीकुंड नेशनल हाईवे पर कई जगहों पर लैंडस्लाइड होने और पहाड़ियों से भारी बोल्डर गिरने की खबरें आई हैं। इसके चलते यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग से श्रीनगर की तरफ लगभग 22 किलोमीटर दूर सिरोबगड़ में गुरुवार तड़के भारी मलबा आ गया। सुबह करीब चार बजे हाईवे पूरी तरह ब्लॉक हो गया। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब छह घंटे बाद सुबह दस बजे ट्रैफिक बहाल कराया।
सिरोबगड़ में लगा कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम
हाइवे बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर करीब तीन-तीन किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए रूट डायवर्ट प्लान लागू किया। वाहनों को छातीखाल, खाखरा और खेड़ाखाल वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित आगे भेजा गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
दूसरी तरफ गौरीकुंड हाईवे पर बांसवाड़ा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरते रहे। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने यहां करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक रोक दिया। इसके बाद मलबे को साफ करके मार्ग खोला गया, लेकिन रुक-रुक कर हो रही पत्थरबाजी से आवाजाही लगातार प्रभावित होती रही।
सोनप्रयाग मुनकटिया पैदल मार्ग भी हुआ पूरी तरह बंद
इसी तरह सोनप्रयाग-मुनकटिया यात्रा मार्ग भी सुबह करीब पौने दस बजे पहाड़ी से विशाल चट्टान गिरने के कारण बंद हो गया। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत पैदल और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जेसीबी मशीनों की मदद से हाईवे से मलबा और बोल्डर हटाने का काम युद्धस्तर पर चलाया गया। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अपडेट और आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।

