Hamirpur News: पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम के तहत बढ़ी हुई मजदूरी दरों को ऐतिहासिक बताया है। इस कदम से हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण मजदूरों को सीधा फायदा मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में श्रमिकों की मजदूरी में बंपर बढ़ोतरी
सांसद अनुराग ठाकुर ने बताया कि राज्य के गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में अब दैनिक मजदूरी 247 रुपये से बढ़कर 300 रुपये हो गई है। वहीं दूसरी ओर अनुसूचित क्षेत्रों के लिए इसे 309 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये कर दिया गया है। यह मजदूरी में क्रमशः 21.5% और 21.3% की बड़ी वृद्धि है।
इस बड़े फैसले के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों के लाखों ग्रामीण कामगारों के हितों को सबसे ऊपर रखा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार और बढ़ेगी क्रय शक्ति
अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस वेतन वृद्धि से हजारों ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी। इससे ग्रामीण इलाकों के लोकल मार्केट में लोगों की क्रय शक्ति यानी सामान खरीदने की क्षमता में सुधार होगा। यह बदलाव पूरे देश में न्यूनतम 300 रुपये की दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने के संकल्प का हिस्सा है।
बढ़ी हुई दरें ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगी और समावेशी विकास को बढ़ावा देंगी। सरकार का यह कदम देश के कम मजदूरी वाले राज्यों को प्राथमिकता देने की नीति को दिखाता है। इससे गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों का जीवन स्तर पहले से बेहतर हो सकेगा।
मनरेगा से अधिक प्रभावी है नया विकसित भारत गारंटी रोजगार कानून
उन्होंने साफ किया कि यह नया कानून सिर्फ मजदूरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था को मजबूत बनाता है। यह नया सिस्टम पुरानी मनरेगा योजना के मुकाबले बहुत ज्यादा असरदार और परिणाम देने वाला है। इसके लागू होने से ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आएगा।
इस नई सरकारी योजना के तहत अब हर पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिनों के रोजगार की पक्की गारंटी मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने से गरीब परिवारों की आमदनी पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी।

