जंतर-मंतर पर भारी बवाल के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का अल्टीमेटम, जानिए क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर हुए छात्र?

Delhi News: देश की शिक्षा व्यवस्था और हालिया राष्ट्रीय परीक्षा विवादों को लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बहुत बड़ा जनआंदोलन शुरू हो गया है। इस विरोध प्रदर्शन के बाद डिजिटल आउटफिट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सीधे केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

अभिजीत दीपके ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा और बेहद आक्रामक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हजारों पीड़ितों ने हिस्सा लिया। लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है।

लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुआ बड़ा खिलवाड़

उन्होंने दावा किया कि इस बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल अधिकांश आम लोगों ने अपने जीवन में पहले कभी किसी आंदोलन में भाग नहीं लिया था। इसके बावजूद देश की मौजूदा जर्जर शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनके भीतर एक बहुत गहरा आक्रोश और भारी निराशा भरी हुई थी।

दीपके ने आंदोलन में शामिल हुए सभी जागरूक लोगों, खासकर पीड़ित छात्रों और छोटे बच्चों का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के बावजूद युवाओं की भारी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि शांतिपूर्ण जनविरोध ही हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

सात दिनों के भीतर मांगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

उन्होंने अपनी वायरल पोस्ट में कहा कि सरकार इस एकजुट और शांतिपूर्ण जनआंदोलन को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं कर सकती। दीपके ने अपने तमाम समर्थकों से किसी भी दमनकारी प्रशासनिक कार्रवाई से डरने के बजाय हमेशा पूरी तरह संगठित रहने का एक बड़ा आह्वान किया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा राजनीतिक निशाना साधते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि उन्होंने देश की पूरी एक युवा पीढ़ी के साथ घोर अन्याय किया है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि अगले सात दिनों के अंदर शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा नहीं दिया, तो आंदोलन उग्र होगा।

सोशल मीडिया लाइव के जरिए बनेगी आंदोलन की नई रणनीति

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे बहुत जल्द इंस्टाग्राम लाइव के जरिए देश भर के अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे। वे इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आंदोलन को जमीन पर और व्यापक स्तर पर जारी रखने की आगे की पूरी रणनीतिक योजना साझा करेंगे।

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर हुए इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर हुए सबसे प्रमुख विरोध प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से दीपके के इस तीखे बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सरकार ने विपक्ष के तीखे हमलों को बताया पूरी तरह राजनीतिक

नीट पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में आई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को बयान जारी कर इस मांग को पूरी तरह “राजनीतिक” करार दिया।

वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का बचाव करते हुए साफ कहा कि शिक्षा मंत्री अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी से बिल्कुल नहीं भाग रहे हैं। वे इस गंभीर समस्या को जड़ से दूर करने के लिए पहले ही कई कड़े और ऐतिहासिक सुधारात्मक कदम उठा चुके हैं।

Author: Gaurav Malhotra

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