Delhi News: भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता और युद्धक्षेत्र में गतिशीलता बढ़ाने के लिए एक बेहद आधुनिक हथियार खरीदने जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेना एक नया मोर्टार स्पेशलिस्ट व्हीकल खरीदने की बड़ी तैयारी कर रही है, जो पलक झपकते ही दुश्मनों के ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर देगा।
इस आधुनिक कॉम्बैट वाहन को चलाने के लिए सिर्फ दो सैनिकों की जरूरत होगी। यह वाहन युद्ध के मैदान में अपने साथ लगभग 54 मोर्टार बम आसानी से ले जाने में सक्षम होगा। भारतीय सेना ने इसके लिए घरेलू रक्षा कंपनियों के लिए एक आधिकारिक रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन दस्तावेज भी जारी कर दिया है।
कंप्यूटर खुद तय करेगा टारगेट की सटीक दूरी और दिशा
यह अत्याधुनिक सैन्य वाहन मुख्य रूप से 81 मिमी और 120 मिमी के भारी मोर्टार सिस्टम को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इस वाहन में एक एडवांस बैलिस्टिक कंप्यूटर सिस्टम लगा होगा। यह सिस्टम लक्ष्य की दूरी और हवा की दिशा का सटीक हिसाब खुद लगाकर सटीक निशाना साधने में मदद करेगा।
इस ऑटोमैटिक तकनीक की मदद से पहली ही फायरिंग में दुश्मन के ठिकाने को भेदने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। इससे भारतीय सैनिकों के कीमती गोला-बारूद की भी भारी बचत होगी। वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले मोर्टार सिस्टम काफी हद तक सैनिकों के मैन्युअल अनुभव पर निर्भर करते हैं।
फायरिंग के तुरंत बाद स्थान बदलने की अद्भुत क्षमता
मौजूदा पारंपरिक मैन्युअल सिस्टम में कई बार गणना की गलती होने की पूरी संभावना बनी रहती है। सेना का यह नया हाइटेक वाहन इन सभी तकनीकी कमियों को पूरी तरह दूर कर देगा। यह सैनिकों को शूट एंड स्कूट यानी फायरिंग के तुरंत बाद तेजी से अपना स्थान बदलने की अद्भुत क्षमता देगा।
इस बेहतरीन तकनीक के कारण भारतीय सैनिक दुश्मनों के जवाबी तोपखाने के हमले से खुद को आसानी से सुरक्षित बचा सकेंगे। आगे तैनात ऑब्जर्वर से मिलने वाली खुफिया जानकारी सीधे वाहन के कंप्यूटर तक पहुंचेगी, जो कुछ ही सेकेंड में डिजिटल फायरिंग डेटा तैयार कर देगा।
माइनस 25 डिग्री तापमान में भी दुश्मन पर बरसेगी आग
यह वाहन लद्दाख जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर भी बहुत आसानी से काम कर सकेगा। यह वाहन माइनस 25 डिग्री से लेकर 50 डिग्री सेल्सियस तक के भीषण तापमान में भी भारतीय सेना को बिना रुके बेहतरीन फायर सपोर्ट देने में सक्षम होगा।
इस बख्तरबंद वाहन की अधिकतम रफ्तार हाईवे पर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इसमें उच्च स्तर की बैलिस्टिक सुरक्षा, ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, एंटी-ड्रोन केज और आधुनिक रन-फ्लैट टायर लगे होंगे। यह वाहन सेना के बटालियन स्तर की नेटवर्क आधारित फायर क्षमता को कई गुना मजबूत करेगा।
Author: Prem Sharma


