Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने पूरे राज्य में दस्तक दे दी है। पहले ही दिन भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विभिन्न जिलों में भूस्खलन और सड़क हादसों में छह लोगों की जान चली गई है। कई मुख्य मार्ग बंद होने से यातायात ठप हो गया है।
चंबा और कुल्लू में लैंडस्लाइड से बंद हुईं मुख्य सड़कें
गुरुवार को भारी बारिश के कारण चंबा जिले के भरमौर मार्ग पर दिनका घार के पास भारी मलबा आ गिरा। इस वजह से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में इस समय पैंतीस से ज्यादा सड़कें बंद हैं।
तापमान में भारी गिरावट और पांवटा साहिब में रिकॉर्ड बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में व्यापक वर्षा होने से अधिकतम तापमान में आठ डिग्री तक गिरावट आई है। सिरमौर के पांवटा साहिब में सबसे ज्यादा सौ मिमी से अधिक पानी बरसा है। वहीं कसौली और सोलन के धर्मपुर में भी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
बिजली व्यवस्था चरमराई और कुल्लू जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
तेज आंधी और बारिश के कारण सूबे में बिजली वितरण की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रदेशभर में करीब एक सौ सत्ताइस बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इस समस्या से सबसे ज्यादा कुल्लू जिला प्रभावित हुआ है, जहां अकेले छियासी ट्रांसफार्मरों में खराबी आई है।
कांगड़ा और मंडी जिलों में हादसों से हुई मौतें
आपदा से जुड़े हादसों में कांगड़ा जिले में आसमानी बिजली गिरने और करंट लगने से तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं मंडी जिले में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक महिला ने दम तोड़ दिया। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सड़क दुर्घटनाओं के कारण दो अन्य लोगों की जान गई है।
लाखों रुपये के नुकसान का आकलन और प्रशासन अलर्ट पर
प्रारंभिक सरकारी आकलन के अनुसार इस मानसूनी बारिश से संपत्ति और पशुधन को करीब चौवालिस लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। कांगड़ा जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां और जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं।

