Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद कासिफ को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला हुआ रद्द
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। बेंच ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस पुराने आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया, जिसमें कासिफ की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने आरोपी को मुकदमे में पूरा सहयोग करने को कहा है।
शीर्ष अदालत ने मोहम्मद कासिफ को जमानत देते समय उसके जेल में बिताए समय को मुख्य आधार बनाया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पिछले 3 साल से लगातार जेल में बंद है। उसके द्वारा ठगी गई कुल रकम भी बहुत ज्यादा नहीं है। इसके साथ ही आरोपी ने सुधरने का लिखित वचन दिया है।
सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी भी दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो जांच एजेंसी ईडी उसकी जमानत रद्द करवाने के लिए तुरंत निचली अदालत जा सकती है। ईडी ने साल 2023 में कासिफ को गिरफ्तार किया था।
सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं फर्जी तस्वीरें
इस पूरे मामले की शुरुआत उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर से हुई थी। वहां के सूरजपुर थाने में कासिफ के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी पर आरोप है कि उसने पीएम मोदी के साथ अपनी कई फर्जी तस्वीरें तैयार की थीं।
कासिफ ने इन फर्जी तस्वीरों को अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया था। उसने केंद्र सरकार के दूसरे बड़े मंत्रियों के साथ भी ऐसी ही तस्वीरें शेयर की थीं। वह लोगों के बीच ऐसी छवि दिखाता था जैसे उसकी पहुंच सरकार में बहुत ऊंचे पदों तक है।
इस फर्जी रसूख का इस्तेमाल कर उसने बेरोजगार लोगों से सरकारी नौकरी और टेंडर दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली। कोर्ट ने बताया कि आरोपी ने कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की ठगी की है। अब उसने कोर्ट को लिखित भरोसा दिया है कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा।
Author: Raj Thakur

