रोहिणी कोर्ट में जज और वकीलों के बीच सरेआम हाईवोल्टेज ड्रामा, गाली-गलौज और गंभीर आरोपों से कांपा कोर्टरूम

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली की रोहिणी अदालत से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां कोर्ट नंबर 212 में सुनवाई के दौरान जज और वकीलों के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि कोर्टरूम के भीतर ही गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू हो गई।

यह पूरा मामला अतिरिक्त जिला जज (ADJ) श्री राकेश सिंह की अदालत का है। सुनवाई के दौरान किसी कानूनी मुद्दे पर बहस चल रही थी। तभी जज और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया। इस हाईवोल्टेज ड्रामे का एक वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वकील ने जज पर लगाया शराब पीकर बैठने का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रोहिणी कोर्ट का नजारा साफ दिखाई दे रहा है। कोर्टरूम के अंदर सभी वकील गुस्से में खड़े हैं। जज और वकील दोनों एक-दूसरे पर बहुत तेज आवाज में चिल्ला रहे हैं। विवाद के दौरान वकील ने कथित तौर पर जज को नशेड़ी तक कह दिया।

वीडियो में बहस की ऑडियो साफ सुनी जा सकती है। जज ने जब वकीलों से कहा कि मैं यह काम नहीं करूंगा, तो वकील भड़क गए। वकीलों ने जज पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि आप कोर्ट रूम में शराब पीकर बैठते हैं और हमें धमकियां देते हैं। इसके बाद विवाद और गहरा गया।

कोर्ट रूम में मचे बवाल के बाद कर्मचारियों ने किया बीच-बचाव

जज ने वकीलों को टोकते हुए कहा कि वे उन पर बेबुनियाद इल्जाम न लगाएं। इस पर वकीलों ने पूरे मामले की शिकायत तत्काल हाई कोर्ट भेजने की बात कही। कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के बीच लगातार झगड़ा चलता रहा। स्थिति बिगड़ती देख कोर्ट के कर्मचारियों को बीच-बचाव करना पड़ा।

इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर आने के बाद लोगों ने न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। कुछ लोग इसे न्याय व्यवस्था की निष्पक्ष छवि के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं, तो कुछ सख्त एक्शन की मांग कर रहे हैं।

बार एसोसिएशन ने बुलाई आपात बैठक, कड़े एक्शन की मांग

इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली की सभी जिला न्यायालय बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने एक आपात बैठक बुलाई। समिति ने जज के इस व्यवहार पर गहरा दुख और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जज के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

समिति के पदाधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा कि जज का यह बर्ताव न्यायिक गरिमा के बिल्कुल खिलाफ था। वकीलों के साथ इस तरह का अनुचित व्यवहार पूरी न्याय व्यवस्था की छवि को खराब करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान बेहद जरूरी है।

Author: Gaurav Malhotra

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