Tehran News: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को एक महीना पूरा हो गया है। इस बीच ईरान ने बड़ी पुष्टि की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के प्रमुख अलीरेजा तंगसिरी की मौत हो गई है। इजरायल ने कई दिन पहले उनकी मौत का दावा किया था, जिसे अब ईरान ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है।
IRGC ने जारी किया बयान
ईरान केरिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोमवार (30 मार्च) को एक बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी गंभीर रूप से घायल होने के बाद शहीद हो गए। बयान में उनके योगदान को सराहा गया। खासतौर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की पकड़ बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका रही।
बयान में चेतावनी भी दी गई। इसमें कहा गया कि हर लड़ाका एक तंगसिरी है। आने वाले दिनों और महीनों में दुनिया को उनके जैसे और भी हैरान कर देने वाले कदम देखने को मिल सकते हैं। इसे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
कौन थे अलीरेजा तंगसिरी?
अलीरेजातंगसिरी IRGC नौसेना के कमांडर थे। वे ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) में नौसैनिक ब्रिगेड कमांडर के रूप में सक्रिय रहे। 1980 के दशक के टैंकर वॉर में भी उनकी भूमिका रही। अगस्त 2018 में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने उन्हें IRGC नेवी का कमांडर नियुक्त किया था।
फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग पूरी तरह बंद करने की योजना बनाई। उनके नेतृत्व में IRGC नौसेना ने ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए। विदेशी जहाजों को रोका और निगरानी की। इससे होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही में भारी कमी आई और वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गईं। इजरायली अधिकारियों ने उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का मास्टरमाइंड बताया।
नेतन्याहू ने 5 दिन पहले किया था दावा
इजरायल केप्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार (26 मार्च) को दावा किया था कि उनके हवाई हमले में तंगसीरी मारे गए। इजरायली अधिकारी के अनुसार, यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास किया गया था। ईरान ने इस जलडमरूमध्य को जहाजों के आवागमन के लिए पहले ही बंद कर दिया है। बता दें कि ईरान के पास दो नौसेनाएं हैं। एक ईरानी सरकार की नौसेना और दूसरी IRGC की नौसेना।
अमेरिका और इजरायल के घरों को मिली धमकी
जंग केबीच ईरान ने एक और चेतावनी दी है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने रविवार (29 मार्च) को कहा कि अब अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों के निजी आवासों को भी निशाना बनाया जाएगा। यह धमकी इजरायल और पश्चिम एशिया में रह रहे अमेरिकी और इजरायली सैन्य और राजनीतिक नेताओं को दी गई है।
जुल्फिकारी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के विभिन्न शहरों में आम नागरिकों के घरों पर हमले करने के जवाब में यह फैसला लिया गया है।


