Business News: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव आखिरकार खत्म हो गया है। दोनों देशों ने ऐतिहासिक शांति समझौते पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस बेहद महत्वपूर्ण डील पर अपनी मुहर लगा दी है।
वर्साय के महल में ट्रंप ने की डील की पुष्टि
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह समझौता पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण युद्ध को पूरी तरह समाप्त कर देगा। जी7 समिट के बाद फ्रांस के वर्साय महल में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ डिनर के दौरान ट्रंप ने खुद इस दस्तावेज पर साइन किए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों ने इस्लामाबाद एमओयू को स्वीकार कर लिया है। इस समझौते का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। इसके तहत महीनों से बंद पड़े रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत प्रभाव से दोबारा खोलने का प्लान तैयार किया गया है।
ईरान को तेल प्रतिबंधों से मिलेगी तुरंत राहत
इस ऐतिहासिक डील के मसौदे के मुताबिक अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने वाले तेल प्रतिबंधों को तुरंत हटा देगा। वॉशिंगटन ईरानी सरकार से जुड़े फंड और फ्रीज संपत्तियों को भी अनलॉक करेगा। इस 14 सूत्रीय समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक शिपिंग कंपनियों के जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होगी।
समझौते के तहत ईरान अगले 60 दिनों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा। ईरान ने दोबारा दोहराया है कि वह परमाणु हथियार कभी नहीं बनाएगा। इसके अलावा वह अपने संवर्धित सामग्री के भंडार को पूरी तरह नष्ट करने के लिए भी राजी हो गया है।
300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड पर क्या बोले ट्रंप?
दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दों पर आखिरी सहमति बनने के बाद क्षेत्रीय देशों के सहयोग से 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड जारी होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस भारी-भरकम डेवलपमेंट प्रोग्राम का बचाव करते हुए साफ किया कि इसमें अमेरिकी सरकार का कोई भी पैसा खर्च नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रतिबंधों में ढील तभी तक जारी रहेगी जब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएगा। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा कि अगर ईरानी नेताओं ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया, तो अमेरिकी सेना ईरान पर दोबारा हमला करने से पीछे नहीं हटेगी।
Author: Rajesh Kumar



