Delhi News: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की बड़ी आशंका जताई है। इसी चुनावी संकट के बीच कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को अपने बीएलए-1 कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष राजनीतिक ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया।
इस बड़े चुनावी कार्यक्रम का नेतृत्व दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने किया। वहीं पूरी ट्रेनिंग कार्यशाला का कुशल संचालन बूथ मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के समर्पित अध्यक्ष राजेश गर्ग ने किया। पार्टी ने चुनाव से पहले अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया है।
वैध मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी कांग्रेस
इस विशेष कार्यशाला में मौजूद बीएलए-1 कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया और वोटर लिस्ट के डिजिटल सत्यापन का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा विशेषज्ञों ने कार्यकर्ताओं को आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी यह पूरी तरह सुनिश्चित करेगी कि इस विशेष चेकिंग अभियान के नाम पर किसी भी वैध नागरिक का नाम न कटे। खासकर गरीब बस्तियों, पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के नाम सूची से दुर्भावनापूर्ण तरीके से न हटाए जाएं।
कांग्रेस कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर करेंगे बड़ा सर्वे
पार्टी लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा करने के लिए हर चुनावी स्तर पर पूरी तरह मुस्तैद रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि ये प्रशिक्षित मुख्य कार्यकर्ता अगले चरण में बीएलए-2 साथियों और बिल्कुल निचले स्तर के बूथ कार्यकर्ताओं को जमीनी ट्रेनिंग देंगे।
इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता राजधानी के हर इलाके में घर-घर जाकर नागरिकों की पूरी जानकारी का भौतिक सत्यापन करेंगे। पार्टी जरूरत पड़ने पर जनता की मदद के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विशेष वोटर सहायता केंद्र भी स्थापित करेगी, ताकि मतदाता सूची पारदर्शी बनी रहे।
प्रशिक्षण शिविर में पार्टी के कई बड़े दिग्गज रहे मौजूद
इस ट्रेनिंग सत्र के दौरान कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट निशांत मंडल ने पूरी एसआईआर प्रक्रिया पर एक तकनीकी डिजिटल प्रस्तुति दी। इसके साथ ही डॉ. सौरभ वाजपेई और एडवोकेट सुनील कुमार ने भी वहां उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को चुनावी बारीकियों पर संबोधित किया।
इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जिला अध्यक्ष और मुख्य पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। पार्टी का मानना है कि इस बार चुनाव आयोग की हर प्रशासनिक गतिविधि पर कड़ी नजर रखकर ही विपक्षी दलों की रणनीतियों को नाकाम किया जा सकता है।
Author: Gaurav Malhotra


