Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने चुनाव में दोबारा मतदान कराने की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक गड़बड़ी की वजह से पूरी चुनावी प्रक्रिया को दूषित नहीं माना जा सकता।
गड़बड़ी वाले मतपत्रों को अलग रखने के निर्देश
न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि जिन मतपत्रों में किसी भी प्रकार की काट-छांट, ओवरराइटिंग या संदिग्ध बदलाव नजर आएं, उन्हें तुरंत अलग कर दिया जाए। ऐसे सभी मतपत्रों को पूरी तरह सीलबंद पैकेट में सुरक्षित रखा जाएगा।
अदालत ने आदेश दिया है कि इन संदिग्ध मतपत्रों को ‘डायलॉग बैलेट’ मानकर एक विशेष समिति के सामने पेश किया जाएगा। इस समिति में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी शामिल होंगे। यह विशेष कमेटी ही तय करेगी कि उन विवादित मतपत्रों की गिनती किस प्रकार की जानी चाहिए।
अदालत ने खारिज की याचिकाकर्ता की दलील
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी थी कि 15 अप्रैल को मतगणना के दौरान एक कर्मचारी ने कुछ मतपत्रों में मतदाताओं की वरीयता बदलने की कोशिश की थी। इस गंभीर घटना के बाद पूरा चुनाव रद्द कर दोबारा मतदान होना चाहिए, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना।
पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए हाई कोर्ट ने अब मतगणना टेबल के ठीक ऊपर हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इससे हर एक मतपत्र की लाइव रिकॉर्डिंग होगी। पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण यूट्यूब, हाई कोर्ट के एस ब्लॉक और हाई लूप ऐप पर किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश वाले चरण से शुरू होगी गिनती
हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि मतगणना दोबारा शुरू करने की तारीख और समय की घोषणा कम से कम 24 घंटे पहले सार्वजनिक की जाए। पीठ ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के 18 मई 2026 के अंतरिम आदेश के कारण जहां गिनती रुकी थी, प्रक्रिया वहीं से शुरू होगी।
बता दें कि बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के 23 पदों के लिए 21 से 23 फरवरी के बीच चुनाव हुए थे, जिसमें 221 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। अप्रैल में मतगणना के दौरान एक कर्मचारी पर हेरफेर के आरोप के बाद हंगामा हुआ था और मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
Author: Gaurav Malhotra


