Indian Rupee Bounce Back: लगातार गिरते रुपये ने अचानक मारी ऐसी दहाड़, अमेरिकी डॉलर के छूटे पसीने, दो महीने की सबसे बड़ी बढ़त

Mumbai News: लगातार गिरावट झेलने के बाद अब भारतीय करेंसी ने विदेशी बाजार में शानदार वापसी की है। शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी छलांग लगाई। कारोबार के अंत में रुपया भारी मजबूती के साथ बंद होने में पूरी तरह सफल रहा।

शुक्रवार 29 मई को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे की मजबूती के साथ खुला था। इसके बाद दिनभर के कारोबार में जबरदस्त तेजी देखी गई। अंत में रुपया 70 पैसे की ऐतिहासिक मजबूती के साथ 95.03 के स्तर पर बंद हुआ। रुपये में बढ़त का यह लगातार दूसरा दिन है।

कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय करेंसी को मिली ताकत

इससे पहले गुरुवार 28 मई को भारतीय करेंसी डॉलर के मुकाबले 95.70 के स्तर पर बंद हुई थी। वैश्विक बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के सीजफायर की खबरें आ रही हैं। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी नरमी आई है।

सीजफायर की सकारात्मक खबरों के चलते कच्चा तेल गिरकर करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अप्रैल महीने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

कच्चे तेल की कीमतों में कमी का सीधा और सकारात्मक असर भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल सस्ता होने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचता है। इससे वैश्विक स्तर पर डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा को अपनी स्थिति मजबूत करने में बहुत बड़ी मदद मिलती है।

आरबीआई ने रुपये को बचाने के लिए चलाया ब्रह्मास्त्र

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रुपये को संभालने के लिए बाजार में डॉलर की भारी बिकवाली की है। केंद्रीय बैंक के इस कदम से मुद्रा बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। आरबीआई की इस रणनीतिक डॉलर बिक्री ने रुपये को जबरदस्त सहारा दिया है।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 में रिजर्व बैंक ने अब तक कुल 53.1 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12 अरब डॉलर अधिक है। बाजार में डॉलर की अधिक उपलब्धता होने से उसकी मांग और कीमतों में भारी गिरावट आई है।

इसके साथ ही आरबीआई ने 26 मई को एक विशेष डॉलर-रुपया स्वैप प्लान भी लागू किया है। केंद्रीय बैंक ने बाजार में 5 अरब डॉलर का बाय-सेल स्वैप ऑक्शन किया। इस कदम से बैंकों के पास कैश बढ़ा और मार्केट में लिक्विडिटी सुधरने से रुपये की साख मजबूत हुई।

Author: Rajesh Kumar

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