Meerut News: अमर शहीद श्रीदेव सुमन की जयंती की पूर्व संध्या पर मेरठ में एक भव्य सांस्कृतिक शाम का आयोजन किया गया। पांडव नगर के कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का नाम “एक शाम सुमन जी के नाम” रखा गया। इसमें भारी संख्या में प्रवासियों और स्थानीय लोगों ने शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद वक्ताओं ने श्रीदेव सुमन के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें एक महान राष्ट्रभक्त बताया। उन्होंने युवाओं से शहीद के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने की अपील की।
टिहरी राजशाही के खिलाफ किया था बड़ा आंदोलन
वरिष्ठ वक्ताओं ने बताया कि श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत की दमनकारी नीतियों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था। उन्होंने जनअधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक आंदोलन का कुशल नेतृत्व किया। राजशाही के अत्याचार के विरोध में उन्होंने जेल में ही 84 दिनों की लंबी भूख हड़ताल की थी।
इस अनशन के बाद उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया था। उनकी याद में आयोजित इस सांस्कृतिक मंच पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों ने समां बांध दिया। मशहूर गायक जीतू पहाड़ी ने अपने गढ़वाली भजनों से दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।
गढ़वाली लोकगीतों और मिमिक्री से गूंजा पूरा हॉल
जीतू पहाड़ी ने “तुझे वाद छ जौनसार की” और “वसंती बौ” जैसे शानदार लोकगीत गाए। इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड कलाकारों की बेहतरीन मिमिक्री कर सबको खूब हंसाया। गायक हेमंत बिष्ट ने भी “हिलमा चांदी के वरना” गीत की बेहद मधुर प्रस्तुति देकर श्रोताओं का दिल जीत लिया।
हास्य कलाकार संदीप छिलबिट ने अपनी अनूठी कॉमेडी और व्यंग्य विधा से पूरे पंडाल को ठहाकों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर चंद्र प्रकाश शर्मा, भैरव दत्त चमोली, डॉ. अमर सिंह राणा, राजपाल गुसांई और मोहन सिंह नेगी उपस्थित रहे।
इसके साथ ही दिनेश रावत, भगवान सिंह रावत, रेखा रावत और लक्ष्मी जखमोला भी मंच पर मौजूद रहीं। आयोजन समिति के पदाधिकारी सतीश जखमोला, कमलेश्वर भारद्वाज, सतबीर सिंह सजवान, संजय नेगी, लक्ष्मण रावत, बच्चन सिंह असवाल, नरेश नेगी और राकेश जुयाल ने भी अहम भागीदारी निभाई।
Author: Ajay Mishra

