Delhi News: देश की राजधानी को सुरक्षित रखने वाली दिल्ली पुलिस अब पूरी तरह से ‘स्मार्ट’ और हाईटेक होने जा रही है। तकनीकी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के आयुक्त सतीश गोलछा की गरिमामयी उपस्थिति में इस ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को डिजिटल युग के अनुसार आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल कमिश्नर (ट्रेनिंग) संजय कुमार और संस्थान की ओर से वाइस चांसलर डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस खास मौके पर दिल्ली पुलिस अकैडमी के संयुक्त निदेशक आसिफ मोहम्मद अली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस नई और मजबूत साझेदारी के तहत दिल्ली पुलिस के जवानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, एडवांस साइबर फॉरेंसिक और इंटरनेट मीडिया मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे पुलिस की डिजिटल जांच करने की क्षमता का तेजी से विकास होगा।
परंपरागत तरीकों के बजाय डिजिटल जांच पर जोर
आज के आधुनिक दौर में अपराधियों के काम करने का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक प्रचार, पहचान की चोरी और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन जैसी नई चुनौतियां दिल्ली पुलिस के सामने हर दिन आ रही हैं, जिससे निपटना जरूरी है।
इन बदलती परिस्थितियों के कारण अब केवल पारंपरिक तरीकों से अपराधों की जांच करना संभव नहीं रह गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर और दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह ने बताया कि यह समझौता दिल्ली पुलिस को भविष्य के लिए तैयार करने का एक बड़ा निवेश है।
इस उच्च स्तरीय ट्रेनिंग से पुलिस अधिकारी और जवान दुनिया की सबसे नई तकनीकों से हमेशा अपडेट रहेंगे। वे भविष्य में होने वाले तकनीकी अपराधों को समय रहते रोकने और उनकी वैज्ञानिक तरीके से गहराई से जांच करने में पूरी तरह से आत्मनिर्भर और सक्षम बनेंगे।
भारत सरकार की प्रमुख वैज्ञानिक संस्था देगी ट्रेनिंग
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली देश की एक प्रमुख वैज्ञानिक संस्था है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे बेहतरीन और विश्वसनीय संस्थान माना जाता है।
इस बड़े समझौते के जरिए दिल्ली पुलिस इस संस्थान की विशेषज्ञता और संस्थागत ताकत का पूरा फायदा उठाकर अपनी टीम को एक आधुनिक बल में बदलेगी। इस ट्रेनिंग के बाद जवान इंटरनेट मीडिया एनालिसिस और परसेप्शन मैनेजमेंट का इस्तेमाल कर जनता को सुरक्षित माहौल देंगे।
Author: Gaurav Malhotra

