साइबर ठगी का अनोखा ‘गोल्ड’ फॉर्मूला: ट्रेडिंग के नाम पर ठगे करोड़ों, फिर सोने में निवेश कर धोया पैसा

Delhi News: पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ऑनलाइन निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को चूना लगाता था। ठगी की रकम को खपाने के लिए आरोपितों ने एक शातिर तरीका अपनाया था—वे लूटे गए पैसों से सोना खरीदते और उसे बैंकों में गिरवी रखकर ‘गोल्ड लोन’ लेते थे।

ऐसे काम करता था ठगों का ‘गोल्ड’ नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड कार्तिक अग्रवाल है, जो पहले एक ट्रेडिंग कंपनी में काम कर चुका है। आरोपित ठगी की रकम का ट्रेल (मनी ट्रेल) छिपाने के लिए उस पैसे से सोना खरीदते थे। फिर उस सोने को बैंकों में गिरवी रखकर लोन लेते थे। बाद में नई ठगी से जुटाए गए पैसों से बैंक का लोन चुकाकर सोना छुड़ा लेते थे। इससे पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए असली रकम तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता था।

जांच में अब तक करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इंदौर, मध्य प्रदेश में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी की। वहां से मास्टरमाइंड कार्तिक अग्रवाल के अलावा राजा अग्रवाल, हर्ष केशरे, निखिल भालसे, दीपक उमाठ और विपिन यादव को गिरफ्तार किया गया है।

फर्जी डैशबोर्ड और मुनाफे का लालच

साइबर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली एक शिकायत के आधार पर शुरू की थी। शिकायतकर्ता मनोज चौहान को ‘मेटा कोट्स’ नामक कंपनी के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा दिया गया था। आरोपितों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड दिखाया, जिसमें नकली मुनाफा दिखाकर उनसे लीवरेज चार्ज, जीएसटी, पेनाल्टी, टीडीएस और अकाउंट अनलॉक फीस के नाम पर 10.51 लाख रुपये ऐंठ लिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस, आईएमईआई विश्लेषण और मनी ट्रेल की जांच की, जिससे आरोपितों की लोकेशन इंदौर में ट्रेस हुई। पुलिस ने इंदौर के आरएनटी मार्ग स्थित एक कॉर्पोरेट हाउस की चौथी मंजिल पर ‘बीजेटी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की।

छापेमारी में मिला बड़े पैमाने पर सामान

छापेमारी के दौरान वहां 41 लोग काम करते मिले, जिनमें 35 महिला टेली-कॉलर शामिल थीं। ये सभी लोगों को फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश के लिए उकसा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 29 कंप्यूटर सिस्टम, 47 मोबाइल फोन, 46 सिम कार्ड, चेक बुक, नोट गिनने की मशीन और भारी मात्रा में नकद राशि (विदेशी मुद्रा समेत) बरामद की है।

जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए फर्जी ट्रेडिंग ऐप खरीदता था और इंडिया मार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लोगों का डाटा जुटाता था। आरोपित ग्राहकों को गोल्ड, सिल्वर, निफ्टी और यूएसडीटी (USDT) जैसे निवेश विकल्पों में भारी मुनाफे का झांसा देकर फंसाते थे। फिलहाल पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा सके।

Author: Sachin Kulkarni

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