Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा और बेहद अनोखा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। सूबे की सरकारी व्यवस्था में फैले कथित भ्रष्टाचार से तंग आकर कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने भारत देश छोड़ने का कड़ा मन बना लिया है।
कांग्रेस कार्यकर्ता एवं प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर नीमच जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज प्रदर्शन किया। उन्होंने भ्रष्टाचार के विरोध में सांकेतिक रूप से अपना ‘नागरिकता हस्तांतरण एवं त्यागपत्र’ का औपचारिक आवेदन सीधे जिला कलेक्टर के नाम सौंप दिया।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद भी भ्रष्ट नेताओं को मिल रहा खुला संरक्षण
कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि जावद जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपाल चारण को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद भी वर्तमान शासन-प्रशासन उस भ्रष्ट नेता को पूरी ताकत से बचाना चाहता है।
पंकज तिवारी ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे होने के बाद भी आरोपी अध्यक्ष अब तक अपने ऊंचे पद पर शान से बने हुए हैं। इतना ही नहीं, वह अक्सर सरकार के प्रमुख आयोजनों में मंत्रियों के साथ मंचों पर भी दिखाई देते हैं।
सिस्टम की अनदेखी से दुखी होकर लिया नागरिकता त्यागने का कठोर निर्णय
प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और दोषियों को खुला संरक्षण देने वाली इन संदिग्ध गतिविधियों से दुखी होकर नेताजी ने यह कठोर कदम उठाया। उन्होंने मंगलवार को अपनी भारतीय नागरिकता त्यागने का एक बहुत ही कठिन और बड़ा व्यक्तिगत निर्णय सार्वजनिक रूप से ले लिया।
इस अनोखे घटनाक्रम के बाद से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। पूरा मामला सीधे तौर पर स्थानीय स्तर पर मची भारी रिश्वतखोरी, वित्तीय अनियमितताओं और बेलगाम भ्रष्टाचार से गहराई से जुड़ा हुआ है।
थड़ोद पंचायत में हुआ था सरकारी राशि का बहुत बड़ा गबन
पंकज तिवारी के मुताबिक थड़ोद पंचायत में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव पर सरकारी राशि के गबन और भारी आर्थिक अनियमितताओं के पुख्ता आरोप सामने आए थे। लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार जिला प्रशासन ने अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की।
पंकज तिवारी का कहना है कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। शासन-प्रशासन के इस लचर और नरम रवैये से परेशान होकर ही उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।
भ्रष्ट नेताओं के पदों पर बने रहने से कमजोर हो रहा जनता का विश्वास
कांग्रेस नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता का लोकतंत्र, न्यायपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण, थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए। इसके बाद पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि बाकी भ्रष्ट अधिकारियों को भी एक सख्त संदेश मिल सके।
Author: Vijay Chouhan


